PM मोदी के काम को मिली हरी झंडी
सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में दाखिलों और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने वाले 103वें संविधान संशोधन की वैधता को दो के मुकाबले तीन मतों के बहुमत से बरकरार रखा। शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ईडब्ल्यूएस आरक्षण संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन नहीं करता। वहीं सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने प्रधानमंत्री मोदी के फैसले को बरकरार रखा।
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हम राज्य में मराठा आरक्षण प्रदान करने पर भी काम कर रहे हैं। इस बीच, राज्य के पात्र लोग 10% ईडब्ल्यूएस आरक्षण कोटा के तहत लाभ उठा सकते हैं। उप मुख्यमंत्री डी फडणवीस ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने पीएम मोदी के 10% ईडब्ल्यूएस आरक्षण कोटा को हरी झंडी दी, जिससे नए शैक्षिक और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को ईडब्ल्यूएस आरक्षण प्रदान किया जाएगा जो किसी भी जाति आरक्षण में शामिल नहीं हैं।
ईडब्ल्यूएस कोटे में आरक्षण पिछले काफी समय से चर्चा का विषय बना हुआ था। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने आज आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) को 10 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने को वैध बताया है। धान न्यायाधीश यू यू ललित की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने केंद्र द्वारा 2019 में लागू किए गए 103वें संविधान संशोधन की वैधता को चुनौती देने वाली 40 याचिकाओं पर चार अलग-अलग फैसले सुनाए।






