कृषि परियोजनाओं का प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्घाटन एवं शिलान्यास
मझगवां कृषि विज्ञान केन्द्र में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण, 528 किसानों की रही सहभागिता

जन एक्सप्रेस चित्रकूट। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पीएम धन-धान्य कृषि योजना एवं दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ 11 अक्टूबर 2025 को राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर, पूसा, नई दिल्ली से किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर देशभर में कुल 2100 से अधिक कृषि परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया गया, जिनकी अनुमानित लागत ₹42,000 करोड़ से अधिक है। इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दीनदयाल शोध संस्थान, कृषि विज्ञान केन्द्र मझगवां, सतना में प्रातः 11 बजे से किसानों के लिए किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के 528 कृषक एवं कृषक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता दर्ज की।
प्राकृतिक खेती अपनाएं, स्वस्थ समाज बनाएं – मंत्री प्रतिमा बागरी
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रतिमा बागरी, राज्यमंत्री, नगरीय विकास एवं आवास, मध्यप्रदेश शासन ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाकर न केवल किसान अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी स्वस्थ रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकारें किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही हैं।
किसान समृद्ध होगा, तो देश समृद्ध होगा – सांसद गणेश सिंह
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे सांसद गणेश सिंह ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका सीधा लाभ कृषकों को मिल रहा है। उन्होंने जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।
बाजार मांग अनुसार फसल उत्पादन करें – विधायक गहरवार
विधायक सुरेन्द्र सिंह गहरवार ने किसानों को सलाह दी कि वे वही फसल बोएं जिसकी बाजार में मांग अधिक हो। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर कम लागत में अधिक उत्पादन संभव है।
अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही
कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष सुष्मिता सिंह परिहार, जिला पंचायत सदस्य संजय सिंह कछवाह, जनपद अध्यक्ष रेणुका जायसवाल एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. नवीन कुमार शर्मा सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के चित्रों पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। कृषक परिचर्चा भी रही आकर्षण का केंद्र कार्यक्रम में समसामयिक कृषि विषयों पर कृषक परिचर्चा का भी आयोजन किया गया, जिसमें किसानों ने प्राकृतिक खेती, बाजार मांग, लागत कम करने की तकनीक आदि पर चर्चा की।






