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मुख्यालय के अंबेडकर पार्क में मनाया संत गाडगे का परिनिर्वाण दिवस

संत गाडगे ने स्वच्छता, शिक्षा की अलख जगाकर नशाखोरी के खिलाफ़ चलाई थी मुहिम : बिहारीलाल गाडगे

जन एक्सप्रेस/महोबा: संत गाडगे के परिनिर्वाण दिवस पर मुख्यालय के आल्हा चौक स्थित अंबेडकर पार्क में संत शिरोमणि गाडगे महाराज के चित्र पर फूल माला डालकर श्रीवास समाज के लोगों के साथ-साथ अन्य दूसरे समाज के लोगों के द्वारा संत गाडगे को पुण्यतिथि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। संत गाडगे को याद कर समाज के सभी लोगों ने नमन वंदन किया।

श्रीवास समाज के राष्ट्रीय संत संत शिरोमणि संत गाडगे को याद करते हुए महोबा जनपद की संत गाडगे सेवा समिति के जिलाध्यक्ष बिहारी लाल गाडगे के द्वारा संत शिरोमणि गाडगे के जीवन वृत्तांत पर प्रकाश डाला गया। संत गाडगे के विषय में बताते हुए उन्होंने कहा कि संत गाडगे का जन्म महाराष्ट्र के अकोला जिले के शेणपुर गांव में 23 फरवरी 1876 को धोबी बिरादरी में हुआ था। इनके पिता का नाम जीरंग और माँ का नाम सखूबाई था। बचपन का नाम संत गाडगे बाबा का ठेवू था। कम उम्र में ही पिता पिताजी के देहांत के बाद अपने नाना के यहां रहना पड़ा था। वे पशुपालन को सेवाभाव से किया करते थे, साधु संतो की सेवा किया करते थे जिसमें संत गाडगे बाबा महाराष्ट्र के ही संत मेहरबाबा से प्रभावित थे और वह चोखा मेला में अक्सर जाया करते थे। बाद में उन्होंने स्वच्छता की अलग जागते हुए भजन मंडली में कीर्तन गाकर लोगों को स्वच्छता के बारे में बताया और वह गांव-गांव जाकर स्वच्छता की सेवा करके लोगों को स्वच्छता हेतु जागरूक करने लगे। इस कार्य से जो धन अर्जित होता था शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण हेतु दान कर दिया करते थे। बनवाया करते थे। संत गाडगे ने अपने विचारों से आने वाले भविष्य में शिक्षा से वंचित लोग कैसे शिक्षा प्राप्त कर सके व समाज के लोग कैसे मुक्त धारा में जुड़कर अपने काम को बखूबी कर सके, इसके लिए संत गाडगे ने स्वच्छता को और शिक्षा के विषय में जागरूक कर रूढ़िवादी बातों को और नशाखोरी की खिलाफत की।

आज उन्हीं के बताए हुए रास्ते में श्रीवास समाज के भाइयों के साथ-साथ समाज के अन्य वर्ग भी उनके किए हुए कार्य से प्रेरणा ले रहे हैं। इसके साथ ही पूर्व जिला अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद श्रीवास ने कहा कि संत गार्ड के बाबा की बताए हुए मार्ग में हम सभी को चलकर एकजुट रहना चाहिए। शिक्षा प्राप्त करने में संकोच नहीं करना चाहिए चाहे उसके लिए फटे कपड़े क्यों न पहनना हो पड़े। जय शक्ति श्रीवास सभासद ने कहा कि संत गाडगे बाबा की बताए हुए मार्ग में श्रीवास समाज की माता बहनों को बढ़-चढ़कर के उनके कार्यक्रम में हिस्सा लेना चाहिए और संत गाडगे बाबा के बताए हुए कार्य को अपने जीवन में उतारते हुए और माता बहनों को प्रेरणा देने का काम करना चाहिए वहीं उन्होंने कहा कि हम आने वाले समय में श्रीवास समाज के घर-घर जाकर माता और बहनों को संत गाडगे बाबा के किए हुए कार्य को बताने का काम करेंगे साथ ही इस मौके में राजेंद्र शक्ति जयशक्ति सभासद लक्ष्मी प्रसाद श्रीवास गया प्रसाद त्यागी हरिशंकर श्रीवास हेमंत श्रीवास राजेश श्रीवास सभासद मुकेश भारती यशपाल परिहार सहित दर्जनों श्रीवास समाज के भाइयों के साथ-साथ अन्य समाज के लोग मौजूद रहे

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