गौरिहार मंदिर को गिराने के फैसले का संत समाज ने किया विरोध

जन एक्सप्रेस/चित्रकूट।धार्मिक नगरी चित्रकूट में प्राचीन धार्मिक धरोहर गौरीहार मंदिर को गिराने के सतना जिला प्रशासन ने आदेश दिए हैं। मध्य प्रदेश के चित्रकूट नगर परिषद के मोहकम गढ़ तिराहे से पालीकोठी मार्ग चौड़ीकरण में अति प्राचीन धरोहर गौरिहार मंदिर को गिराया जा रहा है। जिसके चलते चित्रकूट के साधु समाज में भारी आक्रोश हैं।मंगलवार को गौरीहार मंदिर के महंत रूपनारायण दास महाराज के समर्थन में साधु संतों ने बैठक आयोजित कर मंदिर गिराने के फैसले का विरोध किया है। गौरीहार मंदिर में आयोजित बैठक में प्राचीन गौरीहार मंदिर को गिराए जाने से कैसे बचाया जाए,इस बात पर साधु समाज ने विस्तृत वार्ता कर विचार विमर्श किया। संतोषी अखाड़े के महंत रामजी दास ने कहा रास्ते ने मंदिर का अतिक्रमण किया है, नाकी मन्दिर ने रास्ते का अतिक्रमण किया है। मंदिर का जब निर्माण हुआ रहा होगा तब यहां पगडंडी ही रहेगी होगी। गौरीहार मंदिर धर्मनगरी चित्रकूट की प्राचीन धरोहर है, इसे गिराने का मतलब सनातनियों के आस्था से खिलवाड़ करना होगा। इस बैठक में एक स्वर में साधु समाज ने विरोध जताते हुए किसी भी कीमत में मंदिर की सुरक्षा करने का फैसला लिया है। आगे विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।बैठक में दिगम्बर अखाड़ा के महंत दिव्य जीवन दास, भरत मिलाप मंदिर राममनोहर दास महराज, पंच खाकी अखाड़ा अनूप दास महराज , निर्वाणी बड़ा अखाड़ा सत्यप्रकाश दास, भगवद आराधना आश्रम गोविंद दास महाराज, कामदगिरि प्रथम मुखारविंद मदन गोपाल दास महाराज, खाकी अखाड़ा रामजन्म दास महाराज, भगवद्प्रेमी शशि बिंदु महाराज समेत अनेक साधु संतों के साथ दर्जनों की संख्या सनातनप्रेमी मौजूद रहे।






