
जन एक्सप्रेस /रानीखेत – विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रानीखेत में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) एवं संस्कृत विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पौधारोपण एवं स्वच्छता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन गुलदावरी फाउंडेशन के सहयोग से किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को भी प्रमुखता दी गई।कार्यक्रम के तहत महाविद्यालय परिसर में बांज, बांस, आड़ू सहित विभिन्न फलदार एवं जलधारी पौधों का रोपण किया गया। गुलदावरी फाउंडेशन द्वारा महाविद्यालय को 35 पौधे उपलब्ध कराए गए, जबकि छात्रसंघ अध्यक्ष हर्षित रौतेला ने बांज के पौधों का योगदान दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर पुष्पेश पाण्डेय ने पौधारोपण कर किया।इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सत्यमित्र, संस्कृत विभाग प्रभारी एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बबीता काण्डपाल सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने महाविद्यालय के नवीन भवन परिसर में पौधारोपण के साथ-साथ व्यापक स्वच्छता अभियान भी चलाया।कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित वातावरण के संवर्धन और स्वच्छता बनाए रखने की सामूहिक शपथ ली। वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण और जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।
ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन के लिए विशेष पहल
विश्व पर्यावरण दिवस कार्यक्रम के दौरान गुलदावरी फाउंडेशन ने ग्रामीण विकास एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की। फाउंडेशन ने अकादमिक विद्वानों, शोधकर्ताओं एवं वैज्ञानिकों से ग्रामीण विकास और रोजगार आधारित मॉडल तैयार करने के लिए नवीन परियोजना प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं।फाउंडेशन के अनुसार चयनित परियोजनाओं को अधिकतम ₹8 लाख तक का अनुदान प्रदान किया जाएगा। परियोजनाओं की अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई है और मॉडल को कार्यान्वयन के दौरान ही आय सृजन प्रारंभ करना होगा, ताकि स्थानीय समुदायों को तत्काल आर्थिक लाभ मिल सके।परियोजना प्रस्तावों में कृषि विकास, वैकल्पिक रोजगार के अवसर, मूल्य संवर्धन, खाद्य प्रसंस्करण तथा ग्रामीण उद्यमिता जैसे विषयों को प्राथमिकता दी जाएगी। फाउंडेशन के डायरेक्टर संजय जोशी और अनुज काण्डपाल ने शोधकर्ताओं एवं युवाओं से इस पहल में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता, सतत विकास और रोजगार के नए अवसरों को प्रोत्साहित करना रहा।






