
देहरादून राज्य ब्यूरो जन एक्सप्रेस: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के खटीमा स्थित खेतों में हल चलाने और धान की रोपाई करने की तस्वीरों ने इंटरनेट मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं, लेकिन अब यह दृश्य राजनीतिक बयानबाज़ी का कारण बन गया है। कांग्रेस और भाजपा इस मुद्दे पर आमने-सामने हैं।
शनिवार को मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा में अपने खेत में पारंपरिक तरीके से हल चलाया और धान रोपाई की। इसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर तंज करते हुए लिखा, “अच्छा लगा कि मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी से सीख ली।”
भाजपा का पलटवार: ‘किसानी राहुल के बस की बात नहीं’
हरीश रावत की टिप्पणी पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि “राहुल गांधी मुंह में सोने का चम्मच लेकर पैदा हुए हैं। उन्हें न खेती की समझ है, न मेहनत की परिभाषा। उन्हें किसी किसान के अनुकरणीय बताना हास्यास्पद है।”
भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी का किसान परिवार से नाता है — उनके पिता सैनिक और किसान थे, और दादा-नाना भी खेती करते थे। “धामी बचपन से ही खेतों में हाथ बंटाते आए हैं, जबकि राहुल गांधी ने तो शायद खेत देखे भी न हों,” उन्होंने जोड़ा।
‘राहुल नहीं, शास्त्री जी का भी कर सकते थे उल्लेख’
भाजपा ने हरीश रावत पर गांधी परिवार की चापलूसी का आरोप लगाते हुए कहा कि वह पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जैसे असली किसानों का उदाहरण दे सकते थे, लेकिन गांधी परिवार से आगे नहीं सोचते।
राजनीतिक रंग चढ़ा खेतों की हरियाली पर
मुख्यमंत्री धामी की यह पहल जहां एक ओर उनकी जमीनी छवि को मजबूत करती नजर आ रही है, वहीं विपक्ष इसे दिखावा करार दे रहा है। सियासत गर्म है, और सोशल मीडिया पर जनता की भी मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है।






