संप्रेक्षण सुधार गृह से फरार किशोरी बरामद, दो अंतर्राज्यीय ठग गिरफ्तार

जन एक्सप्रेस/शोभित शुक्ला
बाराबंकी। थाना नगर कोतवाली पुलिस ने आवास विकास कॉलोनी स्थित राजकीय संप्रेक्षण सुधार गृह से फरार किशोरी को 15 दिन के भीतर सकुशल बरामद कर लिया। साथ ही पुलिस ने एटीएम फ्रॉड कर लोगों से ठगी करने के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास 3 लाख 50 हजार रुपये, 14 फर्जी एटीएम, तीन मोबाइल फोन व सिम सहित अन्य उपकरण बरामद किए है। जिसके संबंध में गुरुवार को शहर की पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आशुतोष कुमार मिश्र ने बताया कि नगर कोतवाली पुलिस ने बीपी 26 तारीख को आवास विकास कॉलोनी स्थित राजकीय संप्रेषण सुधार गृह से फरार किशोरी जोकि संप्रेक्षण गृह के छत से कूद कर फरार हो गई थी।

पुलिस ने 15 दिन के भीतर गुरुवार को सकुशल बरामद कर लिया। मामले में एसपी दिनेश कुमार सिंह ने बरामदगी टीम को 10 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। वहीं दूसरे मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने कम पढ़े लिखे लोगों के एटीएम को मशीन के अंदर फंसाकर उनसे उनकी डिटेल जानकर ठगी करने के दो अंतर्राज्यीय शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में इस तरह से ठगी की घटनाओं को कानपुर नगर, लखनऊ, उन्नाव, बनारस, प्रयागराज, रायबरेली आदि जनपदों सहित बिहार राज्य में करने की बात को स्वीकार किया है। जिसके लिए पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह द्वारा नगर कोतवाली पुलिस की गिरफ्तारी टीम को 15 हजार का नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया है ।
शातिर दोनों आरोपी सतीश कुमार पुत्र स्व0 कमली सिंह व चंदन कुमार पुत्र प्रमोद कुमार सिंह निवासी ग्राम गोखुला थाना सिकंदरा जनपद जमुई बिहार राज्य के रहने वाले है। आरोपी एटीएम बूथ के अंदर मशीन में कार्ड लगाने की जगह इंजेक्शन सिरिंज के माध्यम से फेवीक्विक लगा देते थे। साथ ही मशीन के ऊपर सहायता प्राप्त करने के कूट रचित दस्तावेजों के माध्यम से प्राप्त किए गए मोबाइल नंबरों को मार्कर से लिख देते थे। ग्राहक का एटीएम कार्ड मशीन में फस जाने पर दोनों आरोपियों में से एक एटीएम के अंदर जाता और ग्राहक से उसकी परेशानी पूछ कर सहायता करने का झांसा देकर एटीएम मशीन पर मार्कर से लिखे नंबरों को डायल करने को कहता।
वहीं बाहर खड़ा उसका दूसरा साथी ग्राहक द्वारा किए गए फोन पर उसके एटीएम का पूरा डिटेल व पिन नंबर पूंछकर टेक्नीशियन को भेजने का आश्वासन देता। इधर ग्राहक इन सभी गतिविधियों में फंसकर परेशान हो जाता था और मशीन में फंसे एटीएम को छोड़कर वहां से चला जाता। फिर दोनों आरोपी किसी धारदार वस्तु चाकू पिन इत्यादि की मदद से मशीन में फंसे ग्राहक के एटीएम को बाहर निकाल लेते थे। और ग्राहक से प्राप्त पिन सहित अन्य जानकारियों की मदद से उनके खातों से रकम उड़ा देते थे।






