हाथरस: सासनी में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमसिंह कुशवाहा का भव्य स्वागत, कार्यकर्ताओं में दिखा जबरदस्त उत्साह

जन एक्सप्रेस/हाथरस: सासनी कस्बे में उस समय उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला जब भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष प्रेमसिंह कुशवाहा अपने प्रथम दौरे पर पहुंचे। उनके आगमन की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता कोतवाली चौराहे के समीप स्थित गोपाल गार्डन में एकत्रित हो गए और पूरे क्षेत्र को भगवा रंग में रंग दिया।
कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों की गूंज, पुष्पवर्षा और गगनभेदी नारों के साथ जिलाध्यक्ष का जोरदार स्वागत किया। समारोह के दौरान प्रेमसिंह कुशवाहा को 51 किलो फूलों की भव्य माला, चांदी का मुकुट तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। स्वागत कार्यक्रम में युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी ने आयोजन को और भव्य बना दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष प्रेमसिंह कुशवाहा ने कहा कि पार्टी का असली आधार कोई पद या कुर्सी नहीं, बल्कि वह कार्यकर्ता है जो बूथ स्तर पर संगठन को मजबूती देता है। उन्होंने कहा कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है और इसकी ताकत अनुशासित कार्यकर्ताओं से ही आती है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगा, तब तक संगठन का उद्देश्य पूर्ण नहीं माना जा सकता।
जिलाध्यक्ष ने यह भी भरोसा दिलाया कि संगठन में हर कार्यकर्ता का सम्मान सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा का प्रत्येक सिपाही पार्टी परिवार का अभिन्न हिस्सा है और संगठन उनकी गरिमा की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने आगामी चुनावी तैयारियों, बूथ सशक्तिकरण अभियान और संगठन विस्तार पर भी चर्चा की। नेताओं ने एक स्वर में संगठन को और मजबूत बनाने तथा विपक्ष के भ्रम फैलाने वाले एजेंडे का मुंहतोड़ जवाब देने का संकल्प लिया।
समारोह के अंत में कार्यकर्ताओं ने “भारतीय जनता पार्टी जिंदाबाद” और “प्रेमसिंह कुशवाहा जिंदाबाद” के नारों के साथ पूरे वातावरण को जोश और उत्साह से भर दिया। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।






