वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी मिशन पर योगी सरकार, सीएम योगी का सिंगापुर–जापान दौरा जल्द संभव
वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी मिशन पर योगी सरकार

जन एक्सप्रेस/लखनऊ : उत्तर प्रदेश को देश की सबसे मजबूत आर्थिक ताकत बनाने की दिशा में योगी सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी तक पहुंचाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ फरवरी के अंतिम सप्ताह में विदेश दौरे पर जा सकते हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री का यह दौरा 22 से 26 फरवरी के बीच सिंगापुर और जापान तक सीमित रह सकता है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार यह यात्रा पूरी तरह निवेश केंद्रित होगी, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को बढ़ाना और प्रदेश को एशिया के प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
विदेशी निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस प्रस्तावित दौरे के दौरान रोड शो, निवेशक सम्मेलन और वन-टू-वन बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनमें सिंगापुर और जापान की बहुराष्ट्रीय कंपनियों, उद्योग समूहों, बैंकिंग सेक्टर और व्यापारिक संगठनों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
सरकार का फोकस विशेष रूप से—
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मैन्युफैक्चरिंग
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इलेक्ट्रॉनिक्स
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सेमीकंडक्टर
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ऑटोमोबाइल
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ग्रीन एनर्जी
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लॉजिस्टिक्स
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डिफेंस कॉरिडोर
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आईटी और स्टार्टअप सेक्टर
पर रहेगा।
इन क्षेत्रों को यूपी सरकार “भविष्य के ग्रोथ इंजन” के रूप में देख रही है।
यूपी को ग्लोबल इंडस्ट्रियल हब बनाने की तैयारी
योगी सरकार का स्पष्ट विजन है कि उत्तर प्रदेश केवल उपभोक्ता राज्य न रहकर उत्पादन और निर्यात आधारित अर्थव्यवस्था बने। इसी दिशा में बीते वर्षों में—
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एक्सप्रेसवे नेटवर्क का तेजी से विस्तार
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औद्योगिक कॉरिडोर का निर्माण
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भूमि बैंक की उपलब्धता
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सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम
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श्रम कानूनों में सुधार
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निवेश अनुकूल नीतियां
लागू की गई हैं।
सरकार का दावा है कि अब उत्तर प्रदेश में उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल, पारदर्शी और तेज हो गई है।
इन्वेस्ट यूपी तैयार कर रहा दौरे का पूरा रोडमैप
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित विदेश दौरे का विस्तृत खाका इन्वेस्ट यूपी द्वारा तैयार किया जा रहा है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री के जाने से पहले एक पांच सदस्यीय विशेषज्ञ टीम सिंगापुर और जापान भेजी जाएगी।
यह टीम—
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दो दिन सिंगापुर
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तीन दिन टोक्यो
में रहकर संभावित निवेशकों, उद्योग संगठनों और व्यापारिक प्रतिनिधियों के साथ बैठकें करेगी।
इन बैठकों में निवेश से जुड़ी जमीनी जरूरतों, तकनीकी अपेक्षाओं और कंपनियों की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
निवेश संभावनाओं पर बनेगी विस्तृत रिपोर्ट
विदेश दौरे से लौटने के बाद यह टीम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री के दौरे का अंतिम कार्यक्रम, बैठकें और समझौता प्रस्ताव (MoU) तय किए जाएंगे।
सरकार चाहती है कि मुख्यमंत्री का दौरा केवल औपचारिक न होकर निवेश परिणाम आधारित हो, जिससे राज्य को ठोस आर्थिक लाभ मिल सके।
वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का बड़ा लक्ष्य
उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्ष 2027 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए सरकार तीन प्रमुख स्तंभों पर काम कर रही है—
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निवेश विस्तार
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औद्योगिक उत्पादन में वृद्धि
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रोजगार सृजन
सरकार का मानना है कि विदेशी निवेश के बिना इस लक्ष्य को प्राप्त करना संभव नहीं है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश संपर्क अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है।
रोजगार और युवाओं को मिलेगा लाभ
इस विदेश संपर्क अभियान से प्रदेश में बड़े उद्योग स्थापित होने की संभावना है, जिससे—
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लाखों युवाओं को रोजगार
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स्थानीय MSME सेक्टर को मजबूती
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निर्यात में वृद्धि
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तकनीकी ट्रांसफर
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वैश्विक साझेदारी
जैसे लाभ मिलने की उम्मीद है।
सरकार का दावा है कि इससे उत्तर प्रदेश की छवि “बीमारू राज्य” से निकलकर विकास इंजन राज्य के रूप में स्थापित होगी।
पहले भी मिल चुका है निवेशकों का भरोसा
गौरतलब है कि इससे पहले योगी सरकार द्वारा आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में देश-विदेश से लाखों करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। अब सरकार उन निवेशों को धरातल पर उतारने के साथ-साथ नए वैश्विक निवेश को आकर्षित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
सिंगापुर और जापान को एशिया के सबसे मजबूत निवेश केंद्र माना जाता है। ऐसे में इन दोनों देशों का चयन रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक और आर्थिक दृष्टि से अहम दौरा
विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री योगी का यह दौरा केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। इससे यह संदेश जाएगा कि उत्तर प्रदेश अब वैश्विक निवेश प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़ा है।
सरकार का प्रयास है कि उत्तर प्रदेश को आने वाले वर्षों में भारत की आर्थिक ग्रोथ का प्रमुख इंजन बनाया जाए।






