भागवत कथा में वसुधैव कुटुंबकम का संदेश, हजारों श्रद्धालु हुए शामिल

जन एक्स्प्रेस/हमीरपुर: मुस्करा के बिहुनी खुर्द अखंड आश्रम में पिछले साल की तरह इस साल भी भागवत कथा ज्ञान यज्ञ कार्यक्रम की शुरुआत 15 जनवरी से हो चुकी है। कथा के छठवें दिन विद्वान और मशहूर कथा व्यास नैमिषारण्य अखाड़ा निरंजनी के आचार्य महंत स्वामी वीरेंद्र आनंदपुरी ने कथा के जरिये वर्तमान वख्त में समाज और परिवार सुधार के जरुरी उपदेश दिये गये। कथा व्यास ने बताया कि हम मनुष्य हैं, वही मनुष्यता के लिये छह चीजें होना जरूरी है, जिसमें यश, विद्या, तप, दान सहित ज्ञान और सील,और जिसमें ये चीजें नहीं है, तो फिर वो जमीन पर सिर्फ एक बोझ के अलावा कुछ भी नहीं है।
हम डॉक्टर मास्टर या वकील या नेता बाद में है, लेकिन सबसे पहले हमारे अंदर मानवता का होना जरूरी है। साथ ही अपने संदेश में कहा कि, हम जातियों में ना बटे, वसुदेव कुटुंबकम हमारा मकसद होना चाहिये। वर्तमान वख्त में राजनीति से प्रेरित होकर हम जातियों में बट रहे हैं, ये गलत है। और आगे आने वाली पीढ़ी के लिये, किसी भी तरह से अच्छा नहीं है। वही सनातन धर्म के बारे में जानकारी देते हुये कहा की सनातन का खास मकसद, कंकर को शंकर,जबकि हर पेड़ डाली और पत्ते को ईश्वर देखता है। वही ईश्वर कुत्ते से लगाकर ब्रह्म तक सभी को बराबर से देखता है। सनातन की असली व्याख्या और पहचान तो ये है कि, हम किसी भी राग द्वेष झगड़े और ऊंच नीच के साथ ही भेदभाव को मिटाकर आखिरी इंसान के बराबर हो जायें, और सबको बराबर देखें, यही सनातन की असली पहचान है।
साथ ही लोगों को चेतावनी देते हुये कहा कि, अगर हम ऊंच नीच के साथ ही जातियों में बटे तो, बांग्लादेश और नेपाल की तरह हमारा भी हश्र हो सकता है। कथा व्यास जी के शिष्य जगदीश चचौंदिया, प्रबंधक संस्कृत विद्यालय ने कथा की शुरुआत करते हुये पूजन और स्वागत किया गया। इस मौके पर सभी शिष्य गुरु भाई राजू मिश्र सहित बड़ी तादाद में लोग और परमात्मा नंद जूनियर हाई स्कूल विद्यालय के प्रबंधक हरस्वरूप व्यास सहित सभी शिक्षक मौजूद रहे।







