निपुण आकलन में फिर अव्वल रहने की तैयारी, बेसिक शिक्षा पर डीएम का फोकस

जन एक्सप्रेस/ जौनपुर: जौनपुर जनपद में बेसिक शिक्षा की गुणवत्ता को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चन्द्र की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में डीटीएफ (District Task Force) समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिषदीय विद्यालयों की शैक्षणिक स्थिति, अवस्थापना सुविधाएं, छात्र उपस्थिति, शिक्षक उपस्थिति और बच्चों के पोषण स्तर जैसे अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बेसिक शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
निपुण आकलन में दोबारा प्रथम स्थान का लक्ष्य
बैठक के दौरान जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. गोरखनाथ पटेल ने जानकारी दी कि विगत वर्ष निपुण आकलन के परिणाम में जनपद जौनपुर ने प्रदेश स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया था। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस वर्ष भी उसी सफलता को दोहराने के लिए ठोस रणनीति के साथ सतत प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षकों को निपुण लक्ष्यों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जा रहा है और बच्चों के सीखने के स्तर पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
विद्यालयों की व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा
बैठक में परिषदीय विद्यालयों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई। इसमें
-
छात्र एवं शिक्षक उपस्थिति
-
विद्यालयों की रंगाई-पुताई
-
कक्षा कक्षों की स्थिति
-
बालिका शौचालयों की स्वच्छता
-
पेयजल और साफ-सफाई व्यवस्था
-
अधिकारियों द्वारा किए जा रहे विद्यालय निरीक्षण
जैसे बिंदु प्रमुख रूप से शामिल रहे। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी विद्यालयों में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाएं हर हाल में दुरुस्त रहनी चाहिए।
बालिका शौचालय और स्वच्छता पर सख्ती
डीएम ने विशेष रूप से बालिका शौचालयों की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिया कि कहीं भी गंदगी या अव्यवस्था न पाई जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण बच्चों की नियमित उपस्थिति और बेहतर शिक्षा के लिए आवश्यक है।
मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर विशेष जोर
मध्यान्ह भोजन योजना (MDM) को लेकर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्चों को परोसा जाने वाला भोजन गुणवत्तापूर्ण, स्वच्छ और पौष्टिक होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एमडीएम में हरी सब्जियों की नियमित और अनिवार्य आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, जिससे बच्चों के पोषण स्तर में सुधार हो।
डीएम ने चेतावनी दी कि एमडीएम में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नियमित निरीक्षण के निर्देश
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए और केवल कागजी खानापूर्ति न हो। निरीक्षण के दौरान वास्तविक स्थिति का आंकलन कर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तभी संभव है जब निरंतर निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में रहे ये अधिकारी उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में डीपीआरओ, संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी (ABSA) सहित बेसिक शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा में गुणवत्ता ही लक्ष्य
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि जौनपुर को न केवल निपुण आकलन में बल्कि समग्र शिक्षा गुणवत्ता के मामले में प्रदेश में अग्रणी बनाना है। इसके लिए प्रशासन, शिक्षक और विभागीय अधिकारियों को एकजुट होकर काम करना होगा।






