गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे बना किसानों की खुशहाली की गारंटी
22029 किसानों को मिला 2030.29 करोड़ रुपये का मुआवजा

जन एक्सप्रेस/लखनऊ: गोरखपुर से आज़मगढ़ को जोड़ने वाले 91.35 किमी लंबे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे ने न केवल पूर्वांचल को एक नई रफ्तार दी है, बल्कि हजारों किसानों की जिंदगी भी बदल दी है।
योगी सरकार की ओर से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 172 गांवों के 22029 किसानों को कुल 2030.29 करोड़ रुपये का मुआवजा पारदर्शी तरीके से सीधे उनके खातों में भेजा गया है। यह न सिर्फ एक विकास परियोजना है, बल्कि सरकार और किसानों के बीच विश्वास का मजबूत पुल भी है।
अभूतपूर्व भूमि अधिग्रहण, अभूतपूर्व पारदर्शिता
गोरखपुर:
88 गांव, 570.73 हेक्टेयर भूमि
12935 किसानों को ₹1248.28 करोड़
संतकबीरनगर:
4 गांव, 20.91 हेक्टेयर भूमि
422 किसानों को ₹15.26 करोड़
अंबेडकरनगर:
37 गांव, 297.88 हेक्टेयर भूमि
4741 किसानों को ₹438.04 करोड़
आजमगढ़:
43 गांव, 259.25 हेक्टेयर भूमि
3931 किसानों को ₹328.71 करोड़
मुख्यमंत्री ने खुद किसानों को किया सम्मानित
जनवरी 2020 में जब एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य शुरू हुआ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर के गीडा क्षेत्र में 500 से अधिक किसानों को सम्मानित किया।
उनमें से 40 किसानों को सीएम ने स्वयं अपने हाथों से मंच पर सम्मान प्रदान किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि सरकार किसानों को सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि साझेदार मानती है।
सिर्फ सड़क नहीं, बदलाव की राह
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे आज पूर्वांचल में औद्योगिक विकास, निवेश और नई नौकरियों का रास्ता खोल रहा है।
लेकिन इसकी नींव में जिन किसानों की जमीन और आस्था लगी है, वही इसकी असली ताकत हैं।
सरकार की मंशा साफ है —
विकास का पहिया तभी आगे बढ़ेगा जब किसान खुशहाल होगा।






