Friday, January 28, 2022
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पीएम-किसान की 10वीं किस्त जारी की

नई दिल्ली। नव वर्ष, 2022 का पहला दिन देश के अन्नदाताओं को समर्पित रहा। पीएम मोदी ने शनिवार दोपहर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पीएम-किसान की 10वीं किस्त जारी की। इसके तहत 20 हजार करोड़ रुपए की राशि के ट्रांसफर से 10 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को लाभ होगा। पीएम मोदी ने कहा कि आज जब हम नव वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं, तब बीते साल के अपने प्रयासों से प्रेरणा लेकर हमें नए संकल्पों की तरफ बढ़ना है। इस साल हम अपनी आजादी के 75 वर्ष पूरे करेंगे। ये समय देश के संकल्पों की एक नई जीवंत यात्रा शुरू करने का है, नए हौसले से आगे बढ़ने का है। कितने ही लोग देश के लिए अपना जीवन खपा रहे हैं, देश को बना रहे हैं। ये काम पहले भी करते थे, लेकिन इन्हें पहचान देने का काम अभी हुआ है। हर भारतीय की शक्ति आज सामूहिक रूप में परिवर्तित होकर देश के विकास को नई गति और नई ऊर्जा दे रही है। आज हमारी अर्थव्यवस्था की विकास दर 8 फीसदी से भी ज्यादा है। भारत में रिकॉर्ड विदेशी निवेश आया है। हमारा विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा है।

जीएसटी कलेक्शन में भी पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त हुए हैं। निर्यात और विशेषकर कृषि के मामले में भी हमने नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। 2021 में भारत ने करीब-करीब 70 लाख करोड़ रुपए का लेन-देन सिर्फ यूपीआई से किया है। आज भारत में 50 हजार से ज्यादा स्टार्ट-अप्स काम कर रहे हैं। इनमें से 10 हजार से ज्यादा स्टार्ट्स अप्स तो पिछले 6 महीने में बने हैं। 2021 में भारत ने अपने सैनिक स्कूलों को बेटियों के लिए खोल दिया। 2021 में भारत ने नेशनल डिफेंस एकेडमी के द्वार भी महिलाओं के लिए खोल दिए हैं। 2021 में भारत ने बेटियों की शादी की उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 साल यानी बेटों के बराबर करने का भी प्रयास शुरू किया। क्लाइमेट चेंज के खिलाफ विश्व का नेतृत्व करते हुए भारत ने 2070 तक नेट जीरो कार्बन एमिशन का भी लक्ष्य दुनिया के सामने रखा है। आज भारत हाइड्रोजन मिशन पर काम कर रहा है, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में लीड ले रहा है। पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान देश में इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की गति को नई धार देने वाला है। मेक इन इंडिया को नए आयाम देते हुए देश ने चिप निर्माण, सेमीकंडक्टर जैसे नए सेक्टर के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं लागू की है। राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ राष्ट्र के लिए निरंतर प्रयास, आज हर भारतीय का मनोभाव बन रहा है और इसलिए ही, आज हमारे प्रयासों में एकजुटता है, हमारे संकल्पों में सिद्धि की अधीरता है। हमारी धरती को बंजर होने के बचाने का एक बड़ा तरीका है- केमिकल मुक्त खेती। इसलिए बीते वर्ष में देश ने एक और दूरदर्शी प्रयास शुरू किया है। ये प्रयास है- नैचुरल फार्मिंग यानी प्राकृतिक खेती का।

कृषि अवशेषों से बायो फ्यूल बनाने के लिए देशभर में कई नई यूनिट लगाई जा रही हैं। 7 साल पहले देश में हर साल 40 करोड़ लीटर से भी कम इथेनॉल का उत्पादन होता था आज वही उत्पादन 340 करोड़ लीटर से भी ज्यादा हो रहा है। वर्ष 2022 में हमें अपनी गति को और तेज करना है। कोरोना की चुनौतियां हैं, लेकिन कोरोना भारत की रफ्तार नहीं रोक सकता है। भारत पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ कोरोना से भी लड़ेगा और अपने राष्ट्रीय हितों को भी पूरा करेगा।

एफपीओ के रूप में पांच बड़ी शक्तियां
देश के छोटे किसानों के बढ़ते हुए सामर्थ्य को संगठित रूप देने में हमारे किसान उत्पाद संगठनों- एफपीओ की बड़ी भूमिका है। जो छोटा किसान पहले अलग-थलग रहता था, उसके पास अब एफपीओ के रूप में पांच बड़ी शक्तियां हैं। पहली शक्ति है- बेहतर बार्गेनिंग, यानी मोलभाव की शक्ति। एफपीओ से जो दूसरी शक्ति किसानों को मिली है, वो है- बड़े स्तर पर व्यापार की। एक एफपीओ के रूप में किसान संगठित होकर काम करते हैं, लिहाजा उनके लिए संभावनाएं भी बड़ी होती हैं। तीसरी ताकत है- इनोवेशन की। एक साथ कई किसान मिलते हैं, तो उनके अनुभव भी साथ में जुड़ते हैं। जानकारी बढ़ती है। नए नए इनोवेशन के लिए रास्ता खुलता है। एफपीओ में चौथी शक्ति है- रिस्क मैनेजमेंट की। एक साथ मिलकर आप चुनौतियों का बेहतर आकलन भी कर सकते हैं, उससे निपटने के रास्ते भी बना सकते हैं और पांचवीं शक्ति है- बाजार के हिसाब से बदलने की क्षमता।

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