उत्तर प्रदेशलखनऊ

एक रुपए में स्वच्छता” अभियान की समीक्षा बैठक

50 ग्राम पंचायतों में डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन की व्यवस्था सक्रिय, वर्मी कम्पोस्ट को मिला 'वर्मी धन' ब्रांड नाम

जन एक्सप्रेस लखनऊ।
लखनऊ जिले में चल रहे “एक रुपए में स्वच्छता” अभियान को लेकर जिलाधिकारी विशाख जी. की अध्यक्षता में वृहद समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में चयनित 50 ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों, सचिवों, एडीओ पंचायत, नोडल अधिकारियों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। बैठक का उद्देश्य अभियान की प्रगति की समीक्षा एवं उसे और प्रभावी बनाना था।

जिला पंचायतीराज अधिकारी ने बताया कि 50 चयनित ग्राम पंचायतों में स्वच्छता ऑडिट की बैठकें सम्पन्न की जा चुकी हैं। अब तक 42,548 परिवारों में से 24,652 परिवारों और 1,505 व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में से 918 प्रतिष्ठानों से डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण किया जा रहा है। इसके तहत कुल 8.97 लाख रुपए का स्वच्छता शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसमें से मार्च 2025 तक 3.17 लाख रुपए एकत्रित हो चुके हैं। सभी पंचायतों का रोस्टर तैयार कर उन्हें जेम पोर्टल पर पंजीकृत किया जा रहा है।मुख्य विकास अधिकारी ने ग्रामीण स्वच्छता को सुनिश्चित करने हेतु ठोस व तरल कचरा प्रबंधन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने बताया कि शहरी मॉडल की तर्ज पर अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी साफ-सफाई की सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

नटौली और कठवारा पंचायतों की सफल कहानियाँ बनीं प्रेरणा स्रोत
ग्राम प्रधान नटौली ने बताया कि गांव में जागरूकता बढ़ाने हेतु नुक्कड़ नाटक और प्रभात फेरियों का आयोजन किया गया है, जिससे ग्रामवासियों में कूड़ा प्रबंधन को लेकर सकारात्मक सोच विकसित हुई है। उन्होंने अब तक 32,000 रुपए का स्वच्छता शुल्क वसूलने की जानकारी दी। वहीं ग्राम प्रधान कठवारा ने बताया कि उनके गांव में 24,000 से अधिक शुल्क वसूल किया गया है और वर्मी कम्पोस्ट से 11,000 रुपए की आय हुई है।

जिलाधिकारी ने ‘वर्मी धनडी‘ नाम से आरआरसी सेंटर्स में तैयार की जा रही वर्मी कम्पोस्ट की ब्रांडिंग की जानकारी दी। इसका लोगो भी तैयार किया गया है, जिसे ग्राम प्रधानों को वितरित किया जाएगा ताकि वे स्थानीय स्तर पर पैकेजिंग और विक्रय कर सकें। इसके मूल्य निर्धारण के लिए समिति गठित की जाएगी, जिससे विक्रय से हुई आय ग्राम पंचायतों के विकास में प्रयोग हो सके।

सभी पंचायतों को प्रस्ताव पारित करने के निर्देश, डिजिटल सॉफ्टवेयर से शुल्क संग्रह
जिलाधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत अब तक 3 लाख से अधिक की राशि एकत्र की जा चुकी है। यह धनराशि सफाई कर्मियों को भुगतान, उपकरणों की खरीद, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव पर खर्च की जाएगी। उन्होंने बताया कि शुल्क संग्रह के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर भी तैयार कर लिया गया है।बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने सभी ग्राम सचिवों को 10 मई तक ग्राम सभाओं में प्रस्ताव पारित कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि कोई भी व्यक्ति या संस्था खुले में कूड़ा न फेंके। उल्लंघन की स्थिति में जुर्माने की कार्रवाई तय की गई है।

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