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उदयपुर में सहपाठी काे चाकू मारने के आराेपित के घर चला बुलडाेजर

उदयपुर । नगर में दसवीं के एक छात्र पर उसी के सहपाठी के चाकू से हमले की घटना के बाद उपजे तनाव के बीच

प्रशासन ने आरोपित छात्र के घर पर दूसरे ही दिन बुलडोजर चलवा दिया। आरोपित छात्र और उसका परिवार एक किराये के मकान में रहता था। प्रशासन की कार्रवाई का मकान मालिक ने विरोध भी जताया, लेकिन उसकी एक न सुनी गई।

दरअसल, उदयपुर में 16 अगस्त शुक्रवार को भटियानी चौहट्टा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के दसवीं के छात्र ने अपनी कक्षा के सहपाठी को चाकू मार दिया था। घायल छात्र और आरोपित छात्र अलग-अलग समुदाय के होने के कारण शहर में तनाव की स्थिति बन गई। मोची समाज और हिंदू संगठनों ने शुक्रवार को आक्रोश जताते हुए बाजार बंद करवा दिए। कहीं आगजनी तो कहीं तोड़फोड़ भी हुई। माहौल बिगड़ता देखकर शुक्रवार शाम से ही उदयपुर शहर क्षेत्र में निषेधाज्ञा धारा 163 लागू कर इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई थी।

इस बीच शुक्रवार शाम को ही पुलिस ने आरोपित छात्र और उसके पिता सलीम शेख को हिरासत में ले लिया था। प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित समाज ने आरोपित छात्र के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की थी। उदयपुर ग्रामीण विधायक फूल सिंह मीणा ने भी बुलडोजर कार्रवाई के पक्ष में बयान दिया था। इसके बाद सरकार के निर्देश पर वन विभाग ने उसकी जमीन में बसी अवैध बस्ती में बने इस मकान को खाली करने का नोटिस दिया। यह नोटिस 72 घंटे का था, लेकिन जन आक्रोश को देखते हुए शनिवार को ही आराेपित के घर पर बुलडोजर चलवा दिया। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान एडीएम सिटी राजीव द्विवेदी सहित वन विभाग, नगर निगम, यूडीए, पुलिस के अधिकारी तथा भारी पुलिस बल मौजूद था। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध करने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस बल ने उन्हें दूर खदेड़ दिया।

बताया गया कि आरोपित छात्र और उसका परिवार पटेल सर्कल के समीप रशीद नाम के व्यक्ति के मकान में किराए पर रहता था। मकान मलिक रशीद का कहना था कि इसमें उसकी क्या गलती है। दूसरी ओर प्रशासन की ओर से अधिकृत बयान सामने नहीं आया लेकिन अधिकारिक सूत्रों का कहना था यह पूरी बस्ती ही वन विभाग की जगह पर बनी हुई है।

इससे पहले, इंटरनेट सेवाएं बंद होने के बावजूद भी सुबह 10 बजे के करीब महाराणा भूपाल चिकित्सालय में बड़ी संख्या में मोची समाज और हिंदू संगठन के लोग एकत्र हो गए। वहां उन्होंने घायल छात्र की वास्तविक स्थिति जाननी चाही। इसी दौरान कुछ युवा फिर से बाजार बंद करने निकल गए। हाथीपोल क्षेत्र में पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा, लेकिन युवाओं के निकलने की बात फैलते ही घंटाघर, सराफा बाजार, सिंधी बाजार, मुखर्जी चौक आदि क्षेत्रों के बाजार स्वतः बन्द हो गए। कुछ देर बाद प्रशासन ने समझाइश के बाद बाजार पुनः खुलवाये।

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