लखनऊ के लापरवाह डॉक्टरों पर चलेगा कार्रवाई का चाबुक
अलग-अलग जिलों में 31 डॉक्टरों ने बांड नियमों का उल्लंघन किया और ड्यूटी से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे। इन डॉक्टरों की तैनाती स्थल पर उपस्थित न होने की स्थिति में सरकार द्वारा निर्धारित एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी वसूला जा सकता है

जन एक्सप्रेस/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ड्यूटी से नदारद और मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले 31 डॉक्टर पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। इन डॉक्टरों की तैनाती स्थल पर उपस्थित न होने की स्थिति में सरकार द्वारा निर्धारित एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी वसूला जा सकता है।
दरअसल, स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर शिकंजा कसा जा रहा है। प्रदेश के 31 डॉक्टरों ने बांड नियमों का उल्लंघन किया और ड्यूटी से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहे। इन डॉक्टरों को पोस्टग्रेजुएट पढ़ाई के लिए बांड नियमों के तहत छूट दी गई थी, लेकिन उन्होंने शर्तों का पालन नहीं किया।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इस पर सख्त नाराजगी जाहिर की और चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव को सभी डॉक्टरों के खिलाफ आरोप पत्र जारी करने और विभागीय कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
इनसे एक करोड़ रुपये का जुर्माना भी वसूला जा सकता है।
कार्रवाई की जद में ईं जिलों के डॉक्टर
कार्रवाई की जद में आने वाले डॉक्टरों में कुशीनगर, रायबरेली, मेरठ, शाहजहांपुर, देवरिया, लखीमपुर खीरी, गोंडा और अन्य जिलों के डॉक्टर शामिल हैं। इनमें डॉ. सत्य प्रकाश कुशवाहा, डॉ. रुपाली गुप्ता, डॉ. पवन कुमार सिंह, डॉ. अमित गोयल, और डॉ. शेखर श्रीवास्तव प्रमुख हैं।
डिप्टी सीएम का सख्त संदेश
डिप्टी सीएम ने साफ किया कि नियमों की अनदेखी और अनुशासनहीनता किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉक्टरों और कर्मचारियों को अपने कार्य दायित्वों का निर्वहन करना होगा। सरकार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
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