
जन एक्सप्रेस उत्तरकाशी: उत्तराखंड के यमुनोत्री धाम की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए सोमवार का दिन भयावह साबित हुआ। यमुनोत्री पैदल मार्ग पर ‘नौ कैंची’ नामक स्थान के पास अचानक पहाड़ी टूट गई, जिससे भारी भूस्खलन हुआ। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कई यात्री मलबे में दब गए हैं। हादसे की खबर मिलते ही SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गई हैं।
मौके पर मची अफरातफरी, तीर्थयात्रियों में दहशत
घटना के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु यमुनोत्री धाम की ओर बढ़ रहे थे। पहाड़ी से अचानक मलबा गिरने के बाद मार्ग अवरुद्ध हो गया और वहां अफरातफरी मच गई।स्थानीय लोगों और यात्रियों के मुताबिक, कुछ लोग सीधे मलबे की चपेट में आ गए और नीचे गिर गए।
जिला प्रशासन सतर्क, दो से तीन लोगों के दबे होने की आशंका
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल सिंह गुसाईं ने बताया कि, भूस्खलन की चपेट में आने से दो से तीन लोगों के दबे होने की सूचना है। फिलहाल राहत व बचाव कार्य तेजी से चल रहा है।” जानकीचट्टी से भी राहत दल मौके की ओर रवाना किए गए हैं। हादसे के बाद चारधाम यात्रा फिलहाल इस मार्ग पर रोकी गई है।
यात्रियों को दी गई वैकल्पिक मार्ग से गुजरने की सलाह
प्रशासन ने तीर्थयात्रियों को यमुनोत्री मार्ग पर यात्रा से फिलहाल परहेज करने और सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी है। SDRF के कमांडर भी मौके पर मौजूद हैं और ड्रोन से भी इलाके की निगरानी की जा रही है।
पहाड़ी इलाकों में बारिश बनी खतरा, अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने पहले ही उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश और भूस्खलन की चेतावनी जारी की थी। लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में खतरा बढ़ता जा रहा है। प्रशासन ने संवेदनशील स्थानों पर रेड अलर्ट जारी किया है।
चारधाम यात्रा पर संकट के बादल?
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब चारधाम यात्रा अपने चरम पर है। यमुनोत्री के अलावा केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री में भी यात्रियों की भारी भीड़ है। लगातार हो रही बारिश और रास्तों की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्रशासन अब यात्रा की गति और सुरक्षा व्यवस्था पर नए सिरे से मंथन कर रहा है।






