
जन एक्सप्रेस / उत्तरकाशी, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर उत्तरकाशी स्थित श्याम स्मृति वन में पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य के संदेश के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने पौधे लगाकर प्रकृति को नमन किया।कार्यक्रम में श्री विश्वनाथ संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. द्वारिका प्रसाद नौटियाल ने अमरूद और माल्टा के पौधों का रोपण किया। वहीं पर्यावरण प्रेमी प्रताप पोखरियाल और उनकी पत्नी बीना पोखरियाल ने 50 आंवला पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आंवला को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है और यह पर्यावरण संतुलन में भी अहम भूमिका निभाता है।इस अवसर पर विजय पोखरियाल, अंकिता पोखरियाल, सुनीता राणा, हेमलता कंडारी, अस्मिता और भव्या कंडारी सहित अन्य लोगों ने भी पौधारोपण कर हरियाली बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण और वृक्षों के महत्व पर चर्चा करते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया।वक्ताओं ने कहा कि “एक पेड़ लगाओ, जीवन बचाओ” केवल एक नारा नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है। पेड़ हमें ऑक्सीजन प्रदान करते हैं, धरती के तापमान को नियंत्रित रखते हैं और पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि आज लगाया गया एक छोटा पौधा भविष्य में छाया, फल और जीवन का स्रोत बनेगा। पर्यावरण संरक्षण किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। श्याम स्मृति वन में लगाए गए ये पौधे आने वाले वर्षों में उत्तरकाशी की हरियाली और पहचान को और मजबूत करेंगे।विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम ने लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का एहसास कराया और पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों का संदेश दिया।






