
जन एक्सप्रेस/ कोटद्वार : पुलिस एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह कुछ अलग है। पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में एक स्वतंत्र युवा पत्रकार का मोबाइल फोन पुलिस ने करीब 1 साल 4 महीने बाद कोर्ट के आदेश पर वापस किया है।
दरअसल, यह मामला जनवरी 2025 का है, जब कोटद्वार में एक तेज रफ्तार कार ने स्कूटी सवार युवती को टक्कर मार दी थी। हादसे में युवती की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना के बाद पुलिस कई दिनों तक आरोपी चालक को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी।
इसी बीच कोटद्वार के स्वतंत्र पत्रकार सुधांशु थपलियाल ने घटना की जानकारी अपने फेसबुक पेज पर साझा की। उनकी यह पोस्ट पुलिस को नागवार गुजरी। आरोप है कि पुलिस भारी बल के साथ देर रात पत्रकार के घर पहुंची और उन्हें थाने ले गई।
पत्रकार का मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया और उन पर मानहानि समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। इतना ही नहीं, उन्हें रातभर लॉकअप में भी रखा गया। इस कार्रवाई के बाद पत्रकार संगठनों ने विरोध दर्ज कराया था।
अब, करीब डेढ़ साल बाद जून 2026 में कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने पत्रकार का मोबाइल फोन वापस कर दिया है।
पत्रकार सुधांशु थपलियाल का कहना है कि, “अगर आप किसी के लिए न्याय की मांग करते हैं, तो आप पर मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। जहां शराब और नशे से भरी गाड़ियां कुछ ही हफ्तों में छूट जाती हैं, वहीं मेरा फोन डेढ़ साल बाद वापस मिला है।”
यह मामला अब पुलिस की कार्यप्रणाली और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।




