मिशन शक्ति के तहत छात्रा रिम्स सिंह बनी एक दिन की एसपी
12वीं की छात्रा रिम्स सिंह एक दिन के लिए बनी एसपी, हाथ में वायरलेस चेहरे पर दिखा आत्मविश्वास,निचलौल थाने में आई महिला आवेदिका से बात कर पूछी समस्या, तत्काल समाधान करने का दिया निर्देश

जन एक्सप्रेस/महराजगंज: महराजगंज महिला की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण के पंच प्रवाह को केंद्र में रखकर चलाए जा रहे मिशन शक्ति फेज पांच अभियान के तहत जिले में एक अनोखा नज़ारा देखने को मिला। गुरुवार को एसपी सोमेंद्र मीना ने 12वीं की छात्रा रिम्स सिंह को एक दिन के लिए पुलिस कप्तान बनाया। एसपी की कुर्सी पर बैठते ही रिम्स ने महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर फोकस करते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए और हेल्प डेस्क पर आने वाली शिकायतों का बारीकी से निरीक्षण किया।
महराजगंज पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा के साथ कुर्सी साझा करते हुए रिम्स ने सबसे पहले वायरलेस सेट के जरिए जनपद के सभी थानों को जोड़ा और मिशन शक्ति केंद्रों के कामकाज की जानकारी ली। निचलौल थाने के महिला हेल्प डेस्क पर आई एक शिकायत का फीडबैक खुद पीड़िता से लेकर रिम्स ने जाना कि कार्रवाई से वह संतुष्ट है या नहीं। छात्रा एसपी ने स्पष्ट संदेश दिया कि जो भी व्यक्ति थाने में शिकायत लेकर आता है, उससे शालीनता और संवेदनशीलता से पेश आएं, ताकि उनमें सुरक्षा और विश्वास की भावना और मजबूत हो।

निरीक्षण के दौरान छात्रा एसपी कोतवाली थाने भी पहुंचीं। यहां उन्होंने मिशन शक्ति हेल्प डेस्क पर रखे पंपलेट और हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी ली। इसी बीच उन्होंने अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ से सवाल किया कि 112 पर कॉल करने वालों तक पुलिस कितने समय में पहुंचती है। जवाब मिला कि जनपद का रिस्पांस टाइम बेहतर है और पीआरवी तुरंत मौके पर पहुंचती है।
कार्यक्रम के दौरान वास्तविक पुलिस अधीक्षक सोमेंद्र मीणा उनके साथ मौजूद रहे और छात्रा एसपी को हर कदम पर प्रोत्साहित किया। रिम्स ने कहा कि महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी का कर्तव्य है और समाज को यह विश्वास दिलाना जरूरी है कि उनकी शिकायतें सुनी जाएंगी और समाधान किया जाएगा।
बिशप एकेडमी की छात्रा रिम्स सिंह, जिनके पिता प्रद्युम्न सिंह और माता रूबी सिंह हैं, संगीत की शौकीन हैं और भविष्य में आईपीएस बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। गुरुवार को एक दिन की एसपी बनी इस छात्रा का आत्मविश्वास और संवेदनशीलता सभी के लिए प्रेरणा का संदेश छोड़ गई।
हालांकि मिशन शक्ति 5.0 के तहत यह पहल न केवल छात्राओं में आत्मविश्वास जगाने का प्रयास है बल्कि समाज को यह संदेश भी देती है कि बेटियां हर क्षेत्र में सक्षम हैं और जिम्मेदारी निभाने में पूरी तरह सक्षम हैं।






