वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर चित्रकूट में हुआ सामूहिक वाचन और स्वदेशी संकल्प कार्यक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लाइव उद्बोधन से ओतप्रोत हुआ जनमानस, कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही उपस्थिति

जन एक्सप्रेस चित्रकूट।राष्ट्रवाद के अग्रदूत बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा वर्ष 1875 में रचित राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार, चित्रकूट में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक वाचन और स्वदेशी संकल्प के माध्यम से जनमानस को राष्ट्रभक्ति के भाव से सराबोर किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लाइव संबोधन, राष्ट्रप्रेम और आत्मनिर्भरता पर दिया बल
यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में लखनऊ से लाइव प्रसारित हुआ।
मुख्यमंत्री ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल गीत नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा का प्रतीक है।
उन्होंने जनता से राष्ट्रप्रेम, आत्मनिर्भरता और स्वदेशी अपनाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री के संदेश से उपस्थित जनसमूह में उत्साह और गर्व की भावना देखने को मिली।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुआ ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक वाचन
चित्रकूट के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सभी उपस्थित जनों ने प्रोजेक्टर के माध्यम से लखनऊ से प्रसारित मुख्य कार्यक्रम का अवलोकन किया और उसके बाद राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक वाचन किया।
इस अवसर पर सभी ने स्वदेशी अपनाने और राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में जिलाधिकारी पुलकित गर्ग, मुख्य विकास अधिकारी अमृत पाल कौर, कोऑपरेटिव बैंक के जिला अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष महेंद्र कोटाय, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
सभी ने राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के इस ऐतिहासिक क्षण को एकता और गर्व के साथ मनाया।कार्यक्रम का संचालन और समन्वय पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक आर. के. रावत ने कुशलतापूर्वक किया।उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्र की चेतना का उद्घोष है, जो हर भारतीय को अपने कर्तव्य और स्वाभिमान की याद दिलाता है।




