रामगंगा नदी में डूबने से दो किशोरों की मौत, परिवारों में मचा कोहराम

जन एक्सप्रेस/हरदोई: रूपापुर चीनी मिल से जुड़े दो परिवारों पर शुक्रवार शाम दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब रामगंगा नदी में नहाने गए दो किशोरों की डूबने से मौत हो गई। हादसे की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रूपापुर चीनी मिल के केन विभाग में तैनात दिवाकर विक्रम सिंह के इकलौते पुत्र उत्कर्ष (18 वर्ष), अकाउंट विभाग में तैनात अमन श्रीवास्तव के पुत्र सर्वज्ञ (16 वर्ष) तथा उनके मित्र काव्य, पुत्र रमाशंकर, शुक्रवार शाम करीब 5 बजे स्कूटी से घर से निकले थे।
परिजनों को उन्होंने बताया था कि वे कैंटीन में चाय-समोसा खाने जा रहे हैं, लेकिन बाद में तीनों मित्र फर्रुखाबाद जनपद स्थित रामगंगा नदी पहुंच गए।
दोस्त को बचाने में चली गई जान
बताया जाता है कि नदी में नहाने के दौरान उत्कर्ष अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। उसे बचाने के लिए सर्वज्ञ भी पानी में उतरा, लेकिन दोनों नदी की गहराई और तेज बहाव में फंस गए। देखते ही देखते दोनों किशोर पानी में समा गए।
वहीं, तीसरे दोस्त काव्य ने किसी तरह अपनी जान बचाई और रामगंगा पुल पर पहुंचकर राहगीरों से मदद मांगी। उसने एक राहगीर का मोबाइल लेकर घटना की सूचना परिजनों को दी।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, बचाव दल का इंतजार
घटना की जानकारी मिलते ही रूपापुर चीनी मिल के महाप्रबंधक संजीव तोमर, दोनों परिवारों के सदस्य और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। स्थानीय पुलिस तथा अमृतपुर तहसील प्रशासन भी मौके पर पहुंचा।
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, घटना के कई घंटे बाद तक न तो एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच सकी और न ही गोताखोर उपलब्ध हो सके, जिससे लोगों में नाराजगी देखी गई।
क्षेत्र में शोक की लहर
महाप्रबंधक संजीव तोमर ने बताया कि घटना के बाद सभी संबंधित अधिकारी और परिजन मौके पर मौजूद रहे, लेकिन बच्चों की तलाश के लिए विशेष बचाव दल के समय पर न पहुंचने से चिंता और बढ़ गई।
इस दर्दनाक हादसे के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है। क्षेत्र के लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने और आपदा बचाव संसाधनों को समय पर उपलब्ध कराने की मांग की है।






