
जन एक्सप्रेस/ हरिद्वार: गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में गायत्री जयंती महापर्व की पूर्व संध्या पर भव्य एवं आकर्षक दीप रैली का आयोजन श्रद्धा, उत्साह और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ। दीपों की जगमगाहट, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों से पूरा शांतिकुंज परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा।
डॉ. चिन्मय पण्ड्या और शैफाली पण्ड्या ने किया नेतृत्व
दीप रैली का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं मशाल यात्रा के साथ हुआ। रैली का नेतृत्व अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पण्ड्या तथा महिला मंडल प्रमुख शैफाली पण्ड्या ने किया। उनके साथ बड़ी संख्या में साधक, युवा प्रतिनिधि, महिला मंडल की सदस्याएं और श्रद्धालु शामिल हुए।
जन्मशताब्दी वर्ष के उद्घोष से गूंजा शांतिकुंज
रैली के दौरान जन्मशताब्दी वर्ष के उद्घोष से पूरा वातावरण गूंज उठा। हाथों में दीप लिए श्रद्धालुओं ने समाज में ज्ञान, सद्भाव और सकारात्मक परिवर्तन का संदेश दिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य अज्ञान पर ज्ञान, अंधकार पर प्रकाश और असत्य पर सत्य की विजय के सनातन संदेश को जन-जन तक पहुंचाना रहा।
समाधि स्थल पर हुआ दीप रैली का समापन
दीपों की सजी कतारों और भक्ति गीतों के बीच रैली युगऋषि दंपति की पावन समाधि स्थल पहुंची, जहां कन्याओं ने आरती के साथ श्रद्धालुओं का स्वागत किया। गगनभेदी जयघोष और मंगलकामनाओं के साथ दीप रैली का समापन हुआ।
आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा शांतिकुंज
दीप रैली के दौरान पूरे शांतिकुंज परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने आयोजन में सहभागिता कर गायत्री जयंती महापर्व के प्रति अपनी आस्था और समर्पण व्यक्त किया।






