बदहाल सड़क पर ग्रामीणों का अनोखा विरोध, गड्ढों का किया पूजन,
गड्ढों का किया पूजन कर 10 दिन का अल्टीमेटम
जन एक्सप्रेस/उत्तराखंड
जनपद उत्तरकाशी के मोरी विकासखण्ड में वर्षों से बदहाल पड़ी हल्टाड़ी रोड को लेकर स्थानीय लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। रविवार को सामाजिक कार्यकर्ता अनिल रांगड़ के नेतृत्व में क्षेत्र के किसान-बागवानों, ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गैंचवान, देवरा और दड़गाण गांव को जोड़ने वाली सड़क के सारथी तोक में विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बने गहरे गड्ढों का प्रतीकात्मक पूजन कर सरकार के खिलाफ शुद्धि-बुद्धि यज्ञ आयोजित किया और सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि मोरी विकासखण्ड हल्टाड़ी रोड लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण आम लोगों, किसानों, बागवानों, विद्यार्थियों और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को सड़क की दयनीय स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि विकास के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं की लगातार अनदेखी हो रही है। ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क क्षेत्र के सात गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। गैंचवान, देवरा, गुराड़ी, पासा, हल्टाड़ी, दड़गाण और पोखरी सहित आसपास के गांवों के लोग प्रतिदिन इसी सड़क का उपयोग करते हैं। किसान अपनी कृषि उपज और बागवान फल उत्पादन को बाजार तक पहुंचाने के लिए इसी मार्ग पर निर्भर हैं। सड़क की खराब हालत के कारण परिवहन प्रभावित हो रहा है, जिससे आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार से मांग की कि सड़क के सभी गड्ढों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाए और सड़क का स्थायी सुधार कार्य जल्द शुरू किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग को 10 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय के भीतर सड़क की मरम्मत शुरू नहीं हुई तो अगला धरना नेटवाड़ बाजार में आयोजित किया जाएगा। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) कार्यालय, पुरोला का घेराव किया जाएगा और आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र की जनता अब विकास कार्यों में लापरवाही को स्वीकार नहीं करेगी। उनका कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं लोगों का अधिकार हैं और इन्हें लेकर लगातार अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कर आम जनता को राहत दी जाए।इस विरोध प्रदर्शन में दीपक डिमरी, कैलाश डिमरी, राजेंद्र नौटियाल, अनिल रांगड़, अरुण नौटियाल, उपेंद्र सिंह रांगड़, राजेंद्र पंवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और बागवान मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन लगातार जारी रहेगा।






