
जन एक्सप्रेस /विकास नगर :- तहसील की सीमांत ग्राम पंचायत कुल्हाल (कुल्हाल) के प्रसिद्ध पीठ बाजार में एक पुराना विवाद फिर गरमा गया है। व्यापारियों और कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि 2019 में विवाद के चलते हाईकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक के बावजूद ग्राम प्रधान हर सप्ताह व्यापारियों से धन उगाही कर रही हैं। वहीं प्रधान शाहिन का पक्ष है कि राशि ऑनलाइन ग्राम पंचायत खाते में जमा हो रही है और विकास कार्यों के लिए कमेटी गठित है।पीठ बाजार पछवादून का जाना-माना साप्ताहिक हाट है। हिमाचल सीमा से सटे इस बाजार में स्थानीय के साथ-साथ सीमा पार के खरीदार भी आते रहे हैं। पहले इस पीठ से पंचायत को सालाना अच्छी आमदनी बताई जाती थी। अब वही बाजार आरोपों के घेरे में है।
व्यापारियों का आरोप है कि पंचायत ने दुकान-पटरी की अलग-अलग कैटेगरी बना रखी है। हर कैटेगरी से अलग रकम ली जा रही है। कुछ व्यापारियों ने मीडिया से कहा कि रोक के बावजूद वसूली जारी है और दबाव महसूस होता है। कुछ ग्रामीणों का और तीखा आरोप है कि ग्राम प्रधान खुलेआम व्यापारियों से पैसे ले रही हैं और हाईकोर्ट के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
जब ग्राम प्रधान शाहिन से पक्ष पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा कि व्यापारी हर सप्ताह ऑनलाइन पैसे दे रहे हैं। राशि किसी निजी जेब में नहीं, ग्राम पंचायत के खाते में जमा हो रही है। इसी पैसे से विकास कार्य कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक कमेटी भी गठित की हुई है।
यहीं से सवाल शुरू होते हैं। अगर पैसा सचमुच पंचायत खाते में जा रहा है तो,वसूली का आधार क्या है,नियमित टैक्स, किराया, टेंडर या स्वैच्छिक चंदा?हाईकोर्ट की पुरानी रोक के बाद नई अनुमति या नई नीति जारी हुई या नहीं?कैटेगरी किस नियम से बनी और रेट कौन तय करता है?कमेटी के सदस्य कौन हैं, बैठकों का रिकॉर्ड कहां है और राशि का उपयोग कहां दिखाया जाएगा?






