ट्रेन से यात्रा के दौरान प्रसव पीड़िता का हुआ इलाज

जन एक्सप्रेस/शाहगंज :- स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सकों की तत्परता से एक प्रसूता के जान बचाने में सफलता मिली। समय पर मिली सूचना के बाद अस्पताल प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रसूता को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई।
बिहार प्रांत के कैमूर जनपद के मोहनिया थाना क्षेत्र अन्तर्गत टेकरीकला गांव निवासी मनोज कुमार अपनी पत्नी कश्मीरा को अंबाला से साथ लेकर गंगा सतलज एक्सप्रेस ट्रेन से घर जा रहें थे। यात्रा के दौरान शुरु हुई प्रसव पीड़ा के बाद कंट्रोल को सूचना दी गयी। कंट्रोल द्वारा सीएमओ डा गंगाराम को दिया गया। सीएमओ ने चिकित्सा अधीक्षक डा रफीक फारुकी को तत्काल सम्बंधित स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सक्रिय हुआ सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व में चिकित्साधिकारी डा राकेश कुमार की टीम गठित कर एम्बुलेंस संग रेलवे स्टेशन भेजा गया। जहां से प्रसूता को सीएचसी लाया गया। जिसके बाद एक बच्चे को जन्म दिया।
डा रफीक फारुकी ने बताया कि चिकित्सकीय जांच में प्रसव की जटिल स्थिति सामने आई और बच्चा प्रसव मार्ग में फंस गया था। महिला कश्मीरा का करीब दो वर्ष पूर्व सीजेरियन ऑपरेशन भी हो चुका था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा गंगाराम राम गौतम की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन सक्रिय हुआ। महिला सर्जन डा आकांक्षा सिंह, आकस्मिक चिकित्साधिकारी डा राकेश कुमार पूरी टीम के साथ तत्काल आवश्यक चिकित्सा प्रबंध शुरु किया। चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के सामूहिक प्रयास से प्रसूता एवं नवजात को सुरक्षित बचाने में सफलता मिली।इस घटना में समय पर सूचना, त्वरित निर्णय और चिकित्सकीय टीम के समन्वित प्रयास की महत्वपूर्ण भूमिका रही। क्षेत्रवासियों ने सीएमओ समेत सीएचसी की भूरी भूरी प्रशंसा की है। वहीं पति मनोज कुमार ने चिकित्सकों का आभार जताया।






