
जन एक्सप्रेस /हल्द्वानी :- कुमाऊं मंडल में दाखिल-खारिज और विभिन्न प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया में स्थलीय सत्यापन को लेकर सख्ती बढ़ाई गई है। मंडलायुक्त दीपक रावत ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिन मामलों में आवेदक की वास्तविक स्थिति, निवास, आय, परिवार या अन्य तथ्यों की जांच जरूरी है, वहां संबंधित लेखपाल या पटवारी मौके पर जाकर स्थलीय सत्यापन करना सुनिश्चित करें।
मंडलायुक्त ने कहा कि कुछ मामलों में बिना अपेक्षित स्थलीय सत्यापन के ही रिपोर्ट प्रस्तुत किए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे गलत दाखिल-खारिज, भूमि विवाद और अन्य अनियमितताओं की संभावना बढ़ सकती है। वहीं जाति, स्थायी निवास, आय और ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोरवर्ग) प्रमाण-पत्रों में उचित सत्यापन नहीं होने से अपात्र व्यक्तियों को प्रमाण-पत्र जारी होने की आशंका भी रहती है। ऊधमसिंह नगर में ऐसे कुछ मामले सामने आने के बाद मंडल स्तर पर व्यवस्था को सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि स्थलीय सत्यापन केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके लिए मौके से फोटोग्राफ लेकर उन्हें संबंधित पत्रावली या ऑनलाइन आवेदन से जोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। फोटो में स्थल की पहचान के साथ तारीख और समय भी स्पष्ट होना चाहिए।
भविष्य में निरीक्षण की वास्तविकता सुनिश्चित करने के लिए जीपीएस, जियो-कोऑर्डिनेट्स अथवा अन्य तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल करने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मंडलायुक्त ने जिलाधिकारियों को संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश जारी कर व्यवस्था का कड़ाई से पालन कराने को कहा है। साथ ही समय-समय पर पर्यवेक्षण और आकस्मिक जांच कराने तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।






