
जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी :- उत्तरकाशी ने आज अपना एक युग पुरुष खो दिया। सामाजिक, धार्मिक और सार्वजनिक जीवन की सशक्त पहचान, धनारी से जीवन की शुरुआत, पूर्व ब्लॉक प्रमुख डुंडा, अष्टादश महापुराण समिति के तीन दशक तक अध्यक्ष, और हनुमान मंदिर समिति के संरक्षक रहे बहुमुखी प्रतिभा के धनी हरि सिंह राणा शनिवार को केदारघाट पर पंचतत्व में विलीन हो गए।
ढोल-दमाऊं, रणसिंघे और शंखनाद के बीच जब उनकी अंतिम यात्रा केदारघाट तक पहुंची तो पूरा वातावरण गमगीन था। ‘हरि सिंह राणा अमर रहें’ के उद्घोष से घाटी गूंज उठी। वैदिक मंत्रोच्चार और वेदपाठी ब्राह्मणों की वेद ध्वनि के बीच पुत्र गोविंद सिंह राणा एवं गोपाल राणा ने मुखाग्नि दी, हर आंख नम हो गई। यह भीड़ केवल भीड़ नहीं थी, यह सम्मान था। शहर से लेकर गांव-गांव तक से लोग अंतिम दर्शन को उमड़े। विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों और आम जनमानस ने नम आंखों से विदाई दी। उनके सम्मान में उत्तरकाशी का पूरा बाजार बंद रहा।
व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष सुभाष बडोनी, अजय प्रकाश बडोला, ओमप्रकाश भट्ट, वीरेंद्र बत्रा, रमेश चंदोक, अंकित उप्पल, मानसिंह गोसाईं, राजेंद्र पंवार, जयेंद्र नौटियाल और ब्राह्मण समाज के बुद्धि प्रसाद नौटियाल, रमेश नौटियाल, भूपेश खंडियाल सहित समस्त संगठनों ने श्रद्धांजलि दी।उनका जीवन उन लोगों के लिए सीख है जो समाज में निस्वार्थ सेवा और कर्तव्यनिष्ठा को भूलते जा रहे हैं।






