
जन एक्सप्रेस /नई टिहरी :- जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में राजस्व संग्रहण एवं अनुश्रवण समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजस्व प्राप्ति, वसूली, प्रवर्तन कार्यों, लंबित राजस्व वादों के निस्तारण तथा खाद्यान्न व्यवस्था एवं वितरण की विभागवार समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए राजस्व प्राप्ति बढ़ाने और लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।
आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग को तीन वर्ष से अधिक पुराने वादों की नियमित सुनवाई करते हुए शीघ्र निस्तारण करने तथा लंबित वादों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसीलवार देयकों की वसूली में तेजी लाने, अमीनों के साथ नियमित समीक्षा करने तथा लक्ष्य से कम वसूली वाले अमीनों की प्रगति में सुधार लाने को कहा। विवादित मामलों एवं रजिस्ट्री से संबंधित लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर उनका शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश भी दिए। साथ ही निरीक्षणों की संकलित रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा।
परिवहन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में अगस्त माह तक 535.01 लाख रुपये राजस्व प्राप्त हुआ है, जो गत वर्ष की समान अवधि के 521.05 लाख रुपये की तुलना में 2.68 प्रतिशत अधिक है। वाहन चेकिंग के तहत 4,550 चालान किए गए तथा 227 वाहन बंद किए गए। इससे 77.03 लाख रुपये प्रशमन शुल्क प्राप्त हुआ, जो गत वर्ष के 70.74 लाख रुपये की तुलना में 8.89 प्रतिशत अधिक है। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग को नियमित वाहन चेकिंग जारी रखने, लंबित वसूली प्रकरणों में तेजी लाने तथा राजस्व प्राप्ति के निर्धारित लक्ष्य को समय से पूरा करने के निर्देश दिए।
आबकारी विभाग की समीक्षा में बताया गया कि अगस्त तक 68.25 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ, जबकि गत वर्ष की समान अवधि में 65.20 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे। राजस्व में 4.67 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अगस्त माह में 110 छापे मारकर 454 किलोग्राम अवैध सामग्री बरामद की गई तथा 16 अभियोग दर्ज कर 58 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी ने अवैध शराब एवं अन्य अवैध गतिविधियों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी करने के निर्देश दिए।
अभियोजन की समीक्षा में बताया गया कि अगस्त तक अधीनस्थ न्यायालयों में विभिन्न अधिनियमों के तहत 94 वाद लंबित हैं। इनमें आबकारी अधिनियम के 61, आयुध अधिनियम के 12, आईटी अधिनियम के 6, एनडीपीएस अधिनियम के 12, विदेशी अधिनियम के 2 तथा कॉपीराइट अधिनियम का एक वाद शामिल है। जिलाधिकारी ने अभियोजकवार लंबित वादों का विवरण तैयार करने के निर्देश दिए, जिसमें प्रत्येक वाद की वर्तमान स्थिति, लंबित अवधि तथा अगली कार्रवाई स्पष्ट रूप से दर्ज हो। उन्होंने पुराने वादों के निस्तारण के लिए नियमित समीक्षा करने को कहा।
खाद्य आपूर्ति विभाग की समीक्षा में बताया गया कि अक्टूबर माह के राशन का उठान पूरा हो चुका है तथा जनपद में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। गैसनेट के माध्यम से ढालवाला क्षेत्र में पीएनजी की आपूर्ति शुरू हो गई है। राशन कार्डों का 93 प्रतिशत सत्यापन पूरा किया जा चुका है। जिलाधिकारी ने शेष राशन कार्डों का सत्यापन शीघ्र पूरा करने तथा खाद्यान्न एवं एलपीजी की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की समीक्षा में बताया गया कि अगस्त माह में खाद्य प्रतिष्ठानों के 126 निरीक्षण किए गए तथा जांच के लिए 95 खाद्य नमूने लिए गए। खाद्य विश्लेषक से 45 जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई हैं। जिलाधिकारी ने खाद्य प्रतिष्ठानों का नियमित निरीक्षण जारी रखने, नमूना जांच की कार्रवाई में तेजी लाने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को विभागीय राजस्व प्राप्ति, वसूली एवं लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा करने तथा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन प्रकरणों में विभागीय स्तर पर कार्रवाई अपेक्षित है, उनका समयबद्ध निस्तारण किया जाए और प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत की जाए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी, एएसपी अमित कुमार, उपजिलाधिकारी प्रतापनगर घनसाली मंजू राजपूत, जिला पूर्ति अधिकारी मनोज डोभाल, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी राजेंद्र विराटिया, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपजिलाधिकारी नरेंद्रनगर आशीष घिल्डियाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।






