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शराब नहीं, संस्कार दो: टागधार के छात्रों ने लिया नशा मुक्त उत्तराखंड का संकल्प, शांतिकुंज के अभियान ने दी आध्यात्मिक दिशा

चंद्रप्रकाश बहुगुणा

जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी :- आज जब देश भर में युवा नशे की चपेट में आ रहा है, उसी बीच राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टागधार, चंबा में विश्व शक्तिपीठ तीर्थ शांतिकुंज हरिद्वार के मार्गदर्शन में एक अनोखा नशा मुक्त भारत अभियान चला। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य सुशील तिवाड़ी ने की।राज्य आंदोलनकारी और अभियान के सदस्य देवी सिंह पवार ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड विश्व का आध्यात्मिक गुरु है, गंगा-यमुना का मायका, केदार-बद्री की तपस्थली और श्रीदेव सुमन जैसे बलिदानियों की धरती है। इसे नशे से बचाना हम सबका धर्म है। उन्होंने नारा दिया – “नशा छोड़ो, गुस्सा छोड़ो, परमपिता परमात्मा से नाता जोड़ो, शराब नहीं संस्कार दो।

पवार ने कहा कि आचार्य श्रीराम शर्मा और वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा का स्वप्न था नशा मुक्त समाज। शांतिकुंज और गायत्री शक्तिपीठ टिहरी में 16 संस्कार – गर्भ संस्कार, मुंडन, जन्म, ब्याह आदि निःशुल्क कराए जाते हैं, जो युवाओं को नशे से दूर संस्कार से जोड़ते हैं। उन्होंने छात्रों से एक बार शांतिकुंज परिक्रमा का आह्वान किया।कार्यक्रम गायत्री मंत्र से शुरू होकर शांति पाठ से संपन्न हुआ। इसमें गायत्री परिवार के ओमप्रकाश, राजेश चंद्र रमौला, सुरेश चंद्र रतूड़ी, नीलम, सुरेश सिंह रावत, मनीषा सेमवाल, डॉ. नेहा अग्रवाल, सौरभ घड़ियाल, राजबाला चौहान, प्रवीण चौहान, जयप्रकाश गौड़, अनुसूया राणा, देव कुमार, प्रमिला मखलोगा, अरुण चंद सहित समस्त स्टाफ और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन सुरेश चंद्र रतूड़ी ने किया।यह अभियान केवल भाषण नहीं, धरातल पर मनोवैज्ञानिक और धार्मिक उपचार से युवाओं को नई दिशा देने का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा है।

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