सितारगंज में अवैध कच्ची शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 11 आरोपी गिरफ्तार
करीब 300 लीटर कच्ची शराब बरामद, जंगलों में चल रही सात भट्टियां नष्ट; 7,000 लीटर लहन भी किया गया नष्ट

संवाददाता – सुल्तान अंसारी
जन एक्सप्रेस /सितारगंज :- अवैध कच्ची शराब की तस्करी और बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सितारगंज पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से करीब 300 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। इसके अलावा गुर्जर खत्ता, बनकुईया और गुरुनानक नगरी, गोठा के जंगलों में अवैध शराब बनाने के लिए संचालित सात भट्टियों को नष्ट किया गया। इस दौरान करीब 7,000 लीटर लहन भी नष्ट किया गया।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में 25 अक्टूबर 2026 को ऑपरेशन प्रहार के तहत कोतवाली सितारगंज और संबंधित चौकी क्षेत्रों में कार्रवाई की गई। अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर अवैध कच्ची शराब के साथ 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सभी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए गए।
पुलिस ने पड़ागांव से जंगल की ओर जाने वाले रास्ते पर संजीत हलदार को 10 लीटर, लोका गोठा में धन देवी को 10 लीटर, चीकाघाट में रोशन सिंह को करीब 8.5 लीटर और बंदरिया चौक से फायर सर्विस की ओर जाने वाले रास्ते पर सिमरजीत सिंह को करीब 16 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया।
वहीं, बनकुईया में राजेन्द्र सिंह के कब्जे से करीब 150 लीटर, बैगुल डैम मार्ग पर बलविन्दर सिंह से 20 लीटर और सिरसा रोड से पिपलिया जाने वाले कच्चे रास्ते पर अशोक साना से 20 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। चीनी मिल के पीछे वाली सड़क पर रघुवीर, धनचौड़ा पुलिया के पास प्रिंस, शक्तिफार्म की इंदिरा मार्केट में सुजीत राय तथा नकुटपुरा चौराहे से मैना झुंडी जाने वाले मार्ग पर मंगल सिंह को भी अवैध कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, चौकी शक्तिफार्म क्षेत्र के गुर्जर खत्ता और बनकुईया में चार अवैध शराब की भट्टियां नष्ट कर करीब 4,000 लीटर लहन नष्ट किया गया। वहीं, गुरुनानक नगरी, गोठा के जंगलों में तीन भट्टियां नष्ट कर करीब 3,000 लीटर लहन नष्ट किया गया।
पुलिस ने बताया कि अवैध शराब के निर्माण, तस्करी और बिक्री के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। कार्रवाई में कोतवाली सितारगंज के प्रभारी निरीक्षक सुन्दरम शर्मा सहित विभिन्न चौकियों के पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।






