इटावा में कथावाचक की पिटाई और जबरन मुंडन पर बवाल!
अखिलेश यादव ने दी आंदोलन की चेतावनी, 72 घंटे का अल्टीमेटम

जन एक्सप्रेस/इटावा/लखनऊ : उत्तर प्रदेश के इटावा में एक कथावाचक के साथ हुई मारपीट और जबरन आधा मुंडन के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस शर्मनाक घटना को लेकर सियासी तापमान तेजी से चढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए तीन दिन का अल्टीमेटम दे डाला है। उन्होंने कहा कि यदि 72 घंटे के भीतर आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए, तो सपा सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
क्या है पूरा मामला?
इटावा में एक प्रसिद्ध कथावाचक के साथ कुछ असामाजिक तत्वों ने कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट की और जबरन उनका आधा सिर मुंडवा दिया। बताया जा रहा है कि यह सब किसी निजी रंजिश या वैचारिक मतभेद को लेकर किया गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, जिससे जनता में गुस्सा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
अखिलेश यादव का तीखा हमला
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा:
“उत्तर प्रदेश में अब कथावाचकों तक को नहीं बख्शा जा रहा। यह सिर्फ एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों पर हमला है। अगर तीन दिन में गिरफ्तारी नहीं हुई तो समाजवादी पार्टी आंदोलन के लिए तैयार है।”
सरकार की चुप्पी पर सवाल
इस घटना को लेकर स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं। तीन दिन बीतने को हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विपक्ष इसे योगी सरकार की कानून-व्यवस्था पर असफलता बता रहा है।
कई संगठनों ने भी उठाई आवाज
सिर्फ सपा ही नहीं, कई धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा करते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने लगा है।
क्या सुलगते इटावा से उठेगी राज्यव्यापी चिंगारी?
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार तीन दिन के भीतर आरोपियों को पकड़ पाती है या नहीं। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो अखिलेश यादव की चेतावनी के मुताबिक राज्यभर में आंदोलन की चिंगारी भड़क सकती है, जिसका राजनीतिक असर दूरगामी होगा।
यह मामला अब सिर्फ कानून-व्यवस्था नहीं, बल्कि सियासत का बड़ा मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिन बेहद अहम होने जा रहे हैं।






