जौनपुर में नशे का काला खेल: बुजुर्ग महिला के सहारे गांजा तस्करी का आरोप, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

जन एक्सप्रेस /जौनपुर: जौनपुर में अवैध नशे के कारोबार को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला सरपतहा थाना क्षेत्र के सरायमोहदीनपुर के पास का बताया जा रहा है, जहां एक वायरल वीडियो ने पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा दिया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब 70 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला खुलेआम गांजा बेचते हुए दिखाई दे रही है। हैरान करने वाली बात यह है कि वीडियो में महिला खुद इस अवैध धंधे के पीछे एक बड़े नेटवर्क और कथित पुलिस संरक्षण का दावा करती नजर आ रही है।
हालांकि, जन एक्सप्रेस इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है कि यह वीडियो कब और किसने बनाया।
वीडियो में महिला और उसके साथ मौजूद एक अन्य महिला (संभवत: बहू) यह कहते हुए सुनाई देती हैं कि एक व्यक्ति मोटरसाइकिल या चार पहिया वाहन से गांजा लाकर देता है, जिसे वे बेचती हैं और बदले में उन्हें मामूली रकम मिलती है। महिला का यह भी दावा है कि “थाना, चौकी और तहसील के सभी लोग इस बारे में जानते हैं।”
इतना ही नहीं, वीडियो में पूछताछ कर रहा व्यक्ति यह आरोप भी लगाता सुनाई देता है कि वास्तविक तस्कर खुलेआम काम कर रहे हैं, जबकि पुलिस निर्दोष लोगों को फर्जी मामलों में जेल भेज रही है।
एम्बुलेंस से गांजे की तस्करी का आरोप
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला केवल सरपतहा थाना क्षेत्र तक सीमित नहीं है। जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह के अवैध कारोबार के पनपने की बात सामने आ रही है। आरोप है कि गांजे की खेप को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने के लिए एम्बुलेंस जैसे संवेदनशील वाहनों का भी दुरुपयोग किया जा रहा है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के दुरुपयोग का गंभीर मामला भी है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण में जिला प्रशासन की चुप्पी भी सवालों के घेरे में है। स्थानीय खुफिया इकाई (एलआईयू) की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या उन्हें इस गतिविधि की जानकारी नहीं है, या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है।
बढ़ते नशे से सामाजिक संकट का खतरा
जिले में तेजी से फैलते नशे के कारोबार ने सामाजिक संरचना को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। यदि समय रहते इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अब देखना यह है कि वायरल वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन कोई ठोस कदम उठाता है या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा।





