महोबा में जल जीवन मिशन की टंकी में दरार, लाखों का “विकास” बहा पानी में

जन एक्सप्रेस/महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से जल जीवन मिशन की जमीनी हकीकत को उजागर करने वाली खबर सामने आई है। विकास खंड जैतपुर के ग्राम पंचायत नगाराडांग में लाखों रुपये की लागत से बनी पानी की टंकी में दरार आने से लगातार जल रिसाव हो रहा है।
नगाराडांग ग्राम पंचायत
ग्रामीणों के मुताबिक, यह टंकी जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई थी, जिसका उद्देश्य हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना है। लेकिन टंकी बनने के कुछ ही समय बाद उसमें दरारें पड़ गईं और अब पानी लगातार बह रहा है।
घटिया निर्माण का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि टंकी निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। इसी कारण इतनी जल्दी टंकी की दीवारों में क्रैक आ गया।
ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद इस तरह की खामियां सामने आना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
पानी की बर्बादी और सुरक्षा पर सवाल
टंकी से लगातार हो रहे रिसाव के कारण न केवल पानी की भारी बर्बादी हो रही है, बल्कि इसकी मजबूती पर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों को डर है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं की गई, तो भविष्य में यह टंकी गिर भी सकती है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है।
योजना की मंशा पर उठे सवाल
सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन का उद्देश्य गांव-गांव तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन इस तरह की अनियमितताओं से योजना की साख पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जहां एक तरफ सरकार विकास के बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर निर्माण कार्यों में लापरवाही सामने आ रही है।
ग्रामीणों की मांग
गांव के लोगों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और टंकी की तत्काल मरम्मत कराने की अपील की है।
प्रशासन की भूमिका पर नजर
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी प्राथमिकता देता है। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह सिर्फ पानी की बर्बादी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक बड़ी दुर्घटना का कारण भी बन सकता है।






