अब राजनीति में गूंजेगा लाउडस्पीकर का शोर, सीएम योगी हुए सख्त
लाउडस्पीकर के कानफोडू स्वर को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन कराने के आदेश दिए हैं। धार्मिक स्थानों पर तड़के बजने वाले लाउडस्पीकर का शोर वृद्धजन, रोगियों और स्कूल-कॉलेज के बच्चों के लिए बड़ी समस्या बन रहे हैं।


जन एक्सप्रेस राज्य मुख्यालय
संतोष कुमार दीक्षित:
लाउडस्पीकर के कानफोडू स्वर को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त हैं। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन कराने के आदेश दिए हैं। धार्मिक स्थानों पर तड़के बजने वाले लाउडस्पीकर का शोर वृद्धजन, रोगियों और स्कूल-कॉलेज के बच्चों के लिए बड़ी समस्या बन रहे हैं।
शोर से परेशानी की शिकायत मिली तो होगी बड़ी कार्रवाई
सीएम योगी आदित्यनाथ ने सख्त लहजे में पुलिस अधिकारियों से कहा है कि यदि लाउडस्पीकर के शोरगुल को शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और गुरुवार सुबह सड़कों पर पुलिसबल का जमावड़ा दिखा। पुलिस अफसरों ने क्षेत्रों का भ्रमण किया। बता दें कि निरीक्षण को निकले जौनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डा अजय पाल शर्मा व लखनऊ के सीनियर पुलिस अफसरों ने हजरतगंज, महानगर, पश्चिम क्षेत्र में लाउडस्पीकर की स्थिति को जाना। वहीं पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर और सभी डीसीपी ने सभी धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर को चेक किया।

तेज स्पीड में बाइक चलाने वालों की खैर नहीं
अक्सर सड़कों पर हाई स्पीड बाइकर्स देखे जाते हैं। ऐसे लोगों की वजह हादसे होने का अंदेशा अधिक रहता है। इन लोगों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया। पुलिस अधिकारियों ने मॉर्निंग वॉक पर निकले लोगों से संवाद किया।
एक्स पर किया पोस्ट
यूपी सीएमओ ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट कर लिखा -धर्मस्थलों पर अथवा गीत-संगीत के कार्यक्रमों में तय मानक से अधिक आवाज तथा निर्धारित समय के बाद लाउडस्पीकर/डीजे न बजाए जाएं। यदि नियमों का उल्लंघन होता मिले तो तुरंत कार्रवाई की जाए।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
बता दें कि प्रदेश में धार्मिक स्थल पर बजने वाले लाउडस्पीकर और तेज आवाज में बजते डीजे को लेकर पहले भी शासन स्तर पर कई तरह की कार्रवाई की जा चुकी है। अब फिर से लाउडस्पीकर के शोर पर लगाम लगाने की तैयारी है।
गर्मा सकती है राजनीति
लाउडस्पीकर के शोर को सीमित किए जाने का मामला फिर से तूल पकड़ सकता है। विपक्षी दल इसे अल्पसंख्यकों पर किए जाने वाली कार्रवाई के रूप में हवा देकर मुस्लिम वोट बैंक को साधने की राजनीति जुट गए हैं। विपक्षी दल मुस्लिमों को यह समझाने की पुरजोर कोशिश करेंगे कि योगी सरकार मुस्लिम विरोधी है, जबकि लोगों की मानें योगी सरकार में सरकारी योजनाओं का सर्वाधिक लाभ इसी समुदाय विशेष के लोगों को मिल रहा है।






