उत्तराखंड

बदरीनाथ-मंगलौर उपचुनाव: सपा के राष्ट्रीय सचिव बोले- कांग्रेस का समर्थन करेगी सपा

देहरादून । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव डाॅ. सत्यनारायण सचान ने कहा कि उत्तराखंड में 10 जुलाई को होने वाले मंगलौर व बद्रीनाथ विधानसभा उपचुनाव में समाजवादी पार्टी कांग्रेस का समर्थन करेगी। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की ओर से मंगलौर विधानसभा से उम्मीदवार उतारने पर उन्होंने बसपा को भाजपा की बी टीम बताया।

उत्तरांचल प्रेस क्लब में शनिवार को मीडिया से बातचीत के दौरान सत्यनारायण सचान ने बसपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इसके पहले भी जब लोकसभा चुनाव हो रहा था तो बहुजन समाज पार्टी अपने एक भी उम्मीदवार पूरे देश में नहीं जीता पाई। उन्होंने बसपा को भारतीय जनता पार्टी की बी टीम कहा। उपचुनाव को लेकर सचान ने कहा कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पूरी तरह सतर्क है। मंगलौर व बद्रीनाथ विधानसभा उपचुनाव को लेकर सपा ने सभी कार्यकर्ताओं को कांग्रेस के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री धामी से मिलेगा सपा का प्रतिनिधिमंडल

सत्यनारायण सचान ने कहा कि एक जुलाई को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का जन्मदिन है। प्रदेश भर में विधानसभा स्तर पर जन्मदिन को पीडीए स्वाभिमान दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसके उपरांत सामाजिक न्याय की प्रासंगिकता पर गोष्ठी आयोजित कर पीडीए परिवारों को जागरुक किया जाएगा। साथ ही पर्वतीय क्षेत्र में युवाओं को केंद्र में आरक्षण दिलाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। सपा का एक प्रतिनिधिमंडल जुलाई माह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर जातीय जनगणना कराने के साथ प्रदेश में पिछड़े वर्गों की आबादी के बराबर प्रदेश और केंद्र की सेवाओं में आरक्षण दिलाने की मांग करेगा।

सपा के राष्ट्रीय सचिव ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेरोजगारी दर देश की बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत से भी अधिक है। यहां की बेरोजगारी दर 20 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों को सामाजिक और शैक्षणिक आरक्षण नहीं दिया। क्षेत्रीय आधार पर तो आरक्षण दे दिया, लेकिन जब तक केंद्र में उनको आरक्षण नहीं मिलेगा तब तक कोई लाभ नहीं मिलेगा। देश में जातीय जनगणना कराई जाए और आरक्षण दिया जाए, तब सही मायने में लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री पर लगाया गंभीर आरोप

सपा के राष्ट्रीय सचिव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं डेमोग्राफी चेंज को लेकर सांप्रदायिकता का जहर घोल रहे हैं। लोग पलायन कर रहे हैं, पहाड़ के 1634 गांव मानव विहीन हो गए हैं और मुख्यमंत्री कहते हैं डेमोग्राफी चेंज हो रही है। उन्होंने गैंरसैण को राजधानी बनाने की मांग करते हुए कहा कि सरकारें पूरी तरह से उत्तराखंड की अनदेखी रही हैं। हिमालयी राज्यों में उत्तराखंड सबसे पिछड़ा राज्य है। बेरोजगारी उन्मूलन, स्वास्थ्य और शिक्षा आदि मुद्दों पर सरकार मौन है।

 

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