जौनपुर: पोषाहार वितरण में लापरवाही पर 7 CDPO और सुपरवाइजरों को नोटिस, रुक सकता है वेतन

जन एक्सप्रेस/ जौनपुर : जनपद में नौनिहालों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले पोषाहार वितरण में ढिलाई बरतना अधिकारियों को भारी पड़ गया है। चेहरा प्रमाणीकरण (Face Recognition-FRC) और ई-केवाईसी की प्रक्रिया में रुचि न लेने पर मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ध्रुव खाड़िया के निर्देश पर सात बाल विकास परियोजना अधिकारियों (CDPO) और संबंधित सुपरवाइजरों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
इन ब्लॉकों के अधिकारियों पर गिरी गाज
समीक्षा बैठक में खराब प्रगति पाए जाने पर जिन ब्लॉकों के अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें शामिल हैं:
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धर्मापुर, मछलीशहर, मड़ियाहूं, करंजाकला, मुंगराबादशाहपुर और रामपुर।
जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) नरेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों का वेतन/मानदेय रोकने के साथ ही कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
चेहरा पहचान (FRC) व्यवस्था का उद्देश्य
पोषाहार वितरण में होने वाली अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने चेहरा प्रमाणीकरण की नई व्यवस्था शुरू की है।
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पारदर्शिता: अब आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मनमाने तरीके से वितरण नहीं कर सकेंगी।
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सटीक वितरण: लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित होने के बाद ही चने की दाल, गेहूं का दलिया, चावल और खाद्य तेल उपलब्ध कराया जाएगा।
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वर्तमान स्थिति: जिले में 2,27,335 लाभार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक 1,95,885 लाभार्थियों को ही एफआरसी के जरिए पोषाहार मिल सका है।
प्रदेश में नौवें स्थान पर जौनपुर
राहत की बात यह है कि एफआरसी के माध्यम से वितरण सुनिश्चित करने में जौनपुर जिला उत्तर प्रदेश में 9वें स्थान पर है। विभाग इस रैंकिंग को और बेहतर बनाने के लिए उन ब्लॉकों पर सख्ती कर रहा है जहाँ अभी भी पुरानी ढर्रे पर काम चल रहा है।






