Monday, October 3, 2022
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महिला की हत्या में दोषी को आजीवन कारावास

लगाया गया बीस हजार रुपये का अर्थदंड

जन एक्सप्रेस/शत्रुघ्न सिंह यादव
उरई/जालौन। महिला की हत्या कर निर्वस्त्र हालत में शव खेत में फेंकने के मामले में मंगलवार को एससीएसटी कोर्ट में फैसला सुनाया गया। साक्ष्यों के आधार पर न्यायाधीश ने मुख्य आरोपित को हत्या में दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व बीस हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। फैसले के बाद सजा वारंट जारी कर आरोपित को जेल भेज दिया गया है।
जालौन कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सहाव में खेत में सात जुलाई 2012 को एक महिला का निर्वस्त्र हालत में शव पड़ा मिला था। गांव के चौकीदार की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज किया। मृतका के मोबाइल फोन के सीडीआर के आधार पर पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस को जांच में पता चला कि एट थाना क्षेत्र के ग्राम खरुसा निवासी डा.श्यामाजी चतुर्वेदी, ग्राम बिरासनी थाना एट निवासी इंद्रपाल पुत्र प्रीतम सिंह एवं रामकरन पुत्र मनीराम के विरुद्ध को हत्या व सबूत नष्ट करने में हाथ है। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। मृतिका अनुसूचित जाति की थी, इसी लिहाजा मुकदमे में अनुसूचित जाति उत्पीड़न निवारण अधिनियम की धारा भी लगाई गई गई। मुकदमे का ट्रायल एससीएटी कोर्ट में चला। पुलिस ने तीनों आरोपितों के विरुद्ध मजबूत साक्ष्य संकलित कर आरोप पत्र दाखिल किया। करीब 10 साल मुकदमे का ट्रायल चला। इस बीच एक आरोपित इंद्रपाल उर्फ बबलू की मौत हो गई। सुनवाई पूरी होने के बाद मंगलवार को इस मामले में फैसला सुनाया गया। शासकीय अधिवक्ता हृदेश पांडेय ने बताया कि एससीएसटी कोर्ट के न्यायाधीश शिवकुमार ने डा. श्यामा जी चतुर्वेदी को हत्या व साक्ष्य नष्ट करने के अपराध में दोषी करार देते हुए उसे आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। साथ ही रामकरन को साक्ष्य नष्ट करने के अपराध में तीन साल की कैद की सजा सुनाई गई है।
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