आजमगढ़: मुबारकपुर में पुलिस और बदमाश के बीच मुठभेड़, हत्या का आरोपी इरफान गिरफ्तार

जन एक्सप्रेस/ आजमगढ़: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से रविवार को एक बड़ी वारदात और उसके बाद हुई पुलिस की जवाबी कार्रवाई की खबर सामने आई है। मुबारकपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और हत्या के आरोपी बदमाश के बीच हुई मुठभेड़में हत्यारोपी घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
क्या थी वारदात?
पुलिस प्रेस नोट के अनुसार, मामला 3 अप्रैल 2026 की रात का है। ग्राम इस्लामपुरा (थाना मुबारकपुर) में रहने वाले वादी नौशाद अहमद के बेटे मो. हस्सान का अपने ही पड़ोसी इरफान पुत्र अब्दुल मन्नान से किसी बात पर आपसी विवाद हो गया था। यह विवाद इतना बढ़ा कि 22 वर्षीय इरफान ने मो. हस्सान पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया।
हस्सान को गंभीर हालत में इलाज के लिए भर्ती कराया गया, लेकिन बदकिस्मती से उसने दम तोड़ दिया। इस संबंध में मुबारकपुर पुलिस ने पहले धारा 109(1) BNS और फिर मौत के बाद इसे मर्डर की संगीन धारा 103(1) BNS में तब्दील कर आरोपी इरफान की तलाश तेज कर दी थी।
कैसे हुई मुठभेड़?
आज (5 अप्रैल 2026) उप-निरीक्षक मुरारी मिश्र अपनी पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में गश्त और चेकिंग पर थे। इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि हत्या का आरोपी इरफान दामोदरपुर मार्ग से भागने की फिराक में है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी की। जब संदिग्ध को रुकने का इशारा किया गया, तो उसने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने उसे सरेंडर करने के लिए ललकारा और चेतावनी दी, लेकिन जब उसने दोबारा फायर करने की कोशिश की, तो पुलिस को आत्मरक्षार्थ (जवाबी कार्रवाई में) गोली चलानी पड़ी।
पुलिस की इस कंट्रोल्ड फायरिंग में आरोपी इरफान के बाएं पैर में गोली लगी और वह वहीं ढेर हो गया। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया।
शातिर बदमाश के पास से क्या-क्या मिला?
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी की तलाशी ली, तो उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किए गए हथियारों सहित निम्नलिखित चीजें बरामद हुईं:
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एक अवैध देशी तमंचा (.315 बोर)
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एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस
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हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू
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एक मोबाइल फोन और एक सफेद धातु की बिछिया
पुलिस ने दर्ज किए नए मुकदमे
पूछताछ में अभियुक्त इरफान ने कबूल किया कि उसने ही हस्सान पर चाकू से हमला किया था और गिरफ्तारी से बचने के लिए वह फरार चल रहा था। पुलिस पर गोली चलाने के जुर्म में अब उसके खिलाफ धारा 109(1) BNS और 3/25/27 आर्म्स एक्ट के तहत एक और नया मुकदमा (मु0अ0सं0 129/2026) दर्ज कर लिया गया है।
इस एनकाउंटर और साहसिक गिरफ्तारी को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में एसआई मुरारी मिश्र, वरिष्ठ उप-निरीक्षक वीरेंद्र यादव और एसआई सौरभ सिंह मय हमराह शामिल रहे।






