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बिजली विभाग में ओटीएस के नाम पर चालू है खेल, निलंबन बना हथियार

एक पखवाड़े में एक अधीक्षण अभियंता समेत चार अधिशासी अभियंता निलंबित

जन एक्सप्रेस/गाजियाबाद: राजस्व वसूली के नाम पर पश्चिमांचल सहित अन्य डिस्कॉम में अब अनुशासनात्मक कार्यवाही के नाम पर निलंबन का खेल शुरू हो गया है। दक्षिणांचल और पूर्वांचल डिस्कॉम के पीपीपी मॉडल के नाम पर भले आकार नहीं ले पा रही है। लेकिन उसके परिणामों को दिखाकर अन्य डिस्कॉम में निलंबन का नया खेल शुरू हो गया है।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड खंड द्वितीय वसुंधरा के अंतर्गत एक हफ्ते पहले ही अन्य खंड से स्थानांतरित होकर आए अवर अभियंता भीम सिंह ओटीएस के चक्कर निलंबित हो गए हैं। गाजियाबाद के शहरी इलाकों की राजस्व वसूली अच्छी होने के कारण ही यहां बिजली आपूर्ति अन्य क्षेत्रों से ज्यादा है। लेकिन सरकारी फरमान और विभागीय खानापूर्ति के चक्कर में अब अधिकारियों और कमर्चारियों के ऊपर निलंबन जैसी कड़ी कार्यवाही का खेल शुरू हो गया है।

अधिकारियों पर गिरी गाज
अधीक्षण अभियंता महेश अहिरवार सहारनपुर सहित देवेंद्र गुप्ता अधिशासी अभियंता नकुड़ सहारनपुर, महेश चंद्र विश्वकर्मा बबराला सहारनपुर, आनंद गौतम गढ़मुक्तेश्वर और अनीश कुमार माथुर शिकाकारपुर बुलंदशहर सहित 22 अवर अभियंताओं को निलंबन की कार्यवाही का शिकार होना पड़ा है। इन सब पर ओटीएस योजना को लेकर लापरवाही का आरोप लगा है।

कार्यवाही से बचने को कागजों पर हो रहा समाधान
ताबड़तोड़ तोड़ निलंबन की कार्यवाही के बाद सूत्रों की माने तो अब खंडों में ओटीएस योजना में कागजी कोरम का खेल शुरू हो गया है। सरकार जहां आंकड़े मांग रही वही अधिकारी आंकड़ों के खेल में अब खेल करके अपने कुर्सी बचाने में लगे हैं। ब्याज माफ़ी के नाम पर कर्मचारियों अधिकारियों के खिलाफ प्रबंधन के सख्त रवैए पर अब प्रश्नचिन्ह खड़ा होने लगा है।

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