
जन एक्सप्रेस उत्तरकाशी:आज की भागदौड़ वाली जिंदगी में हम अपने खाने-पीने पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाते, जिससे हमारे शरीर में विटामिन, मिनरल्स और पोषक तत्वों की कमी हो जाती है। ऐसे में ‘सी बकथॉर्न’ एक बहुत ही खास फल है, जो हमारे शरीर को जरूरी पोषण देता है। सी बकथॉर्न का नाम सुनते ही अगर आपको लग रहा है कि यह समुद्र में पाया जाने वाला कोई पौधा है, तो आप गलत हैं। दरअसल, यह पौधा समुद्र में नहीं, बल्कि एक औषधीय पौधा है. यह भारत के पहाड़ी इलाकों जैसे कि उत्तराखंड, हिमाचल, लेह और लद्दाख में पाया जाता है। उत्तराखंड में यह सबसे अधिक उत्तरकाशी जिले के उच्च हिमालय क्षेत्र मे होता है यहां यह इसके पौधे बहुत मात्रा में उगते हैं सी बकथॉर्न (जिसे स्थानीय रूप से अमेस या कभी-कभी “लेह बेरी” भी कहा जाता है) बहुतायत में, विशेषकर जंगली रूप में, पाया जाता है। उत्तरकाशी मे स्थानीय आयुर्वेदिक डॉ0 रामचंद्र उनियाल ने बताया यह मुख्य रूप से गंगोत्री, हर्षिल घाटी, यमुनोत्री घाटी और हरि की दून मे बहुत पाया जाता है छोटे-छोटे नारंगी रंग के यह फल बहुत ही पोषक होते हैं और इनका उपयोग आयुर्वेद, यूनानी और आधुनिक चिकित्सा में भी किया जाता है। यह फल हजारों सालों से सेहत के लिए उपयोग में लाया जा रहा है। अमेरिका के नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के मुताबिक, सी बकथॉर्न में बायोएक्टिव कंपाउंड्स नामक मौजूद तत्व होता है, जो शरीर के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। यह दिल की सुरक्षा करता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम होता है. यह शुगर कंट्रोल करता है और कैंसर से बचाव में मदद कर सकता है। यही नहीं, यह लीवर की भी सुरक्षा करता है। सी बकथॉर्न में विटामिन सी, ई, बीटा कैरोटीन, ओमेगा फैटी एसिड और बहुत से एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। यह फल खासतौर पर त्वचा के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। यह झुर्रियां कम करता है, त्वचा को चमकदार बनाता है और एक्जिमा या ड्राई स्किन जैसी समस्याओं में राहत देता है. सूरज की तेज धूप से बचाने में भी यह मददगार होता है। इसके अलावा, यह हमारी इम्यूनिटी की ताकत को भी बढ़ाता है. जो लोग बार-बार बीमार पड़ते हैं, उनके लिए यह बहुत फायदेमंद है। सी बकथॉर्न दिल की सेहत का भी ख्याल रखता है। यह कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल में रखता है और दिल की धमनियों को स्वस्थ बनाए रखता है।उत्तरकाशी में सी बकथॉर्न से जुड़ी पहल प्रसंस्करण प्लांट: दिसंबर 2023 में, उत्तरकाशी की हर्षिल घाटी के सुक्की गांव में सी बकथॉर्न का पहला प्रसंस्करण प्लांट (processing plant) स्थापित करने की घोषणा की गई, जिससे स्थानीय ग्रामीणों की आजीविका में वृद्धि होने की उम्मीद है। इस प्रकार, उत्तरकाशी में सी बकथॉर्न एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है, जिसमें स्थानीय आजीविका और स्वास्थ्य लाभ दोनों की अपार संभावनाएं हैं।इस प्रकार, उत्तरकाशी में सी बकथॉर्न एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन है, जिसमें स्थानीय आजीविका और स्वास्थ्य लाभ दोनों की अपार संभावनाएं हैं।






