प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम ने बदली प्रभा शुक्ला की तकदीर, 3 लाख से 1 करोड़ तक पहुंचा कारोबार
PMEGP की मदद से छोटे आटा व्यवसाय को 1 करोड़ रुपये वार्षिक कारोबार वाले उद्योग में बदला।
जन एक्सप्रेस/ हरदोई।
सरकारी योजनाएं यदि सही पात्र तक पहुंचें तो वे जीवन बदलने का माध्यम बन सकती हैं। इसका सटीक उदाहरण हरदोई जिले के हरियावां विकास खंड के ग्राम हरियावां की निवासी प्रभा शुक्ला हैं, जिन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की सहायता से अपने छोटे से आटा व्यवसाय को एक बड़े उद्योग में तब्दील कर दिया।
प्रभा शुक्ला, जो एक सामान्य गृहिणी हैं और विनय कुमार शुक्ला की पत्नी हैं, पहले छोटे स्तर पर आटा चक्की चलाकर परिवार की आय में सहयोग करती थीं। सीमित संसाधनों के चलते उनका कारोबार बहुत छोटा था और आय भी बेहद सीमित थी। वर्ष 2021 तक उनका वार्षिक कारोबार महज 3 लाख रुपये के आसपास था।
इसी दौरान उन्हें खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की जानकारी प्राप्त हुई। योजना के बारे में जानकारी मिलने के बाद उन्होंने अपने व्यवसाय को विस्तार देने का निश्चय किया और आटा चक्की के बड़े कारखाने की स्थापना के लिए आवेदन किया।
उनका आवेदन स्वीकृत होने के बाद उन्हें 25 लाख रुपये का बैंक ऋण प्राप्त हुआ। इसके साथ ही योजना के तहत उन्हें 35 प्रतिशत मार्जिन मनी सब्सिडी के रूप में लगभग 8.75 लाख रुपये की छूट भी दी गई। इस आर्थिक सहयोग ने उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आर्थिक सहायता मिलने के बाद प्रभा शुक्ला ने अपने आटा व्यवसाय का विस्तार किया और आधुनिक मशीनों के साथ एक व्यवस्थित कारखाना स्थापित किया। इसका परिणाम यह हुआ कि उनके कारोबार में तेजी से वृद्धि होने लगी। वर्ष 2022-23 में उनका वार्षिक कारोबार बढ़कर लगभग 40 लाख रुपये तक पहुंच गया।
इसके बाद लगातार मेहनत, गुणवत्ता और बाजार की मांग को समझते हुए उन्होंने अपने व्यवसाय को और मजबूत किया। वर्तमान में, वर्ष 2024-25 तक उनका कारोबार लगभग 1 करोड़ रुपये वार्षिक तक पहुंच चुका है, जो एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
प्रभा शुक्ला बताती हैं कि इस उद्योग के विस्तार से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई है, बल्कि उन्होंने स्थानीय स्तर पर कई लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। उनके कारखाने में आसपास के क्षेत्र के लोगों को काम मिला है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
उनका कहना है कि आज उनका परिवार आर्थिक रूप से सशक्त है और वे आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं। उन्होंने सरकार की इस योजना को बेहद लाभकारी बताते हुए अन्य लोगों को भी इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम की यह सफलता कहानी यह दर्शाती है कि यदि सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन हो और जागरूकता बढ़े, तो वे न केवल व्यक्तियों को आत्मनिर्भर बना सकती हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को भी नई दिशा दे सकती हैं।






