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स्मार्ट विलेज वर्कशॉप में मैन्द्रथ पंचायत की प्रधान अनीता डोभाल ने लिया हिस्सा, क्षेत्रवासियों में गर्व की लहर.

जन एक्सप्रेस /विकास नगर :-  विकासखंड चकराता की ग्राम पंचायत मैन्द्रथ की प्रधान अनीता डोभाल के लिए आज एक बार फिर गर्व और सम्मान का अवसर रहा। उन्हें उत्तराखंड सेतु आयोग के साथ आयोजित सहभागिता का मौका मिला।
मैन्द्रथ पंचायत पहले भी पंचायत लर्निंग सेंटर (PLC) के रूप में पहचानी जा चुकी है। वर्ष 2025 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अनीता डोभाल मैन्द्रथ से प्रधान चुनी गई थीं। क्षेत्रवासी मानते हैं कि राज्य स्तरीय मंच पर उनकी उपस्थिति से गांव की आवाज सीधे नीति-निर्माण तक पहुंची है।प्रधान अनीता डोभाल ने क्षेत्रवासियों से कहा कि गांव की प्रगति और क्षेत्र के बेहतर भविष्य के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। डिजिटल साक्षरता, योजनाओं का सही लाभ और मजबूत पंचायत व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए मैन्द्रथ को आदर्श पंचायत बनाने का संकल्प दोहराया गया।क्षेत्र के लोग इस सहभागिता को पहाड़ी पंचायतों के लिए एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि जब गांव की महिला प्रधान राज्य के नीति मंच पर बैठती है, तो विकास की दिशा भी गांव की जरूरत के हिसाब से तय होती है।

मैन्द्रथ पंचायत की ओर से जारी
यह राज्य स्तरीय परामर्श कार्यशाला ग्राम स्तर पर विकास, डिजिटल सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के बेहतर समन्वय और मजबूत पंचायत व्यवस्था जैसे विषयों पर केंद्रित रही। सेतु आयोग की महत्वाकांक्षी पहल इंटीग्रेटेड स्मार्ट विलेज सेंटर (ISVC) को राज्यभर में विस्तार देने के लिए आयोजित इस सेमिनार में पंचायत प्रतिनिधियों, अधिकारियों और विषय विशेषज्ञों ने ग्रामीण विकास का नया खाका तय करने पर मंथन किया।

प्रधान अनीता डोभाल ने कहा कि मैन्द्रथ जैसी पहाड़ी पंचायत को राज्य के इस महत्वपूर्ण मंच पर प्रतिनिधित्व मिलना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में डिजिटल सेवाओं को गांव तक पहुंचाने, योजनाओं का एक मंच पर समन्वय करने और पंचायतों को सेवा-सुविधा का केंद्र बनाने पर विशेष चर्चा हुई।गौरतलब है कि सेतु आयोग राज्य में एकीकृत स्मार्ट विलेज केंद्रों के माध्यम से गांव स्तर पर डिजिटल सेवाएं, आजीविका के अवसर, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने का काम कर रहा है। वर्ष 2026 में प्रदेश में ऐसे कई केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि पंचायतें केवल प्रशासनिक इकाई न रहें, बल्कि विकास और सेवा का सक्रिय केंद्र बनें।

मैन्द्रथ पंचायत पहले भी पंचायत लर्निंग सेंटर (PLC) के रूप में पहचानी जा चुकी है। वर्ष 2025 के त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अनीता डोभाल मैन्द्रथ से प्रधान चुनी गई थीं। क्षेत्रवासी मानते हैं कि राज्य स्तरीय मंच पर उनकी उपस्थिति से गांव की आवाज सीधे नीति-निर्माण तक पहुंची है।प्रधान अनीता डोभाल ने क्षेत्रवासियों से कहा कि गांव की प्रगति और क्षेत्र के बेहतर भविष्य के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे। डिजिटल साक्षरता, योजनाओं का सही लाभ और मजबूत पंचायत व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए मैन्द्रथ को आदर्श पंचायत बनाने का संकल्प दोहराया गया।क्षेत्र के लोग इस सहभागिता को पहाड़ी पंचायतों के लिए एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं। उनका कहना है कि जब गांव की महिला प्रधान राज्य के नीति मंच पर बैठती है, तो विकास की दिशा भी गांव की जरूरत के हिसाब से तय होती है।

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