
जन एक्सप्रेस /विकास नगर :- सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज ढालीपुर, में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान नमामि भारतम् वंदे मातरम सामूहिक गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भाजपा नेता एवं पूर्व प्रदेश मंत्री विपुल अग्रवाल द्वारा छात्र-छात्राओं को वंदे मातरम की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि आज हमारे साथ -साथ देशभर में 1 करोड़ से अधिक लोगों ने एकसाथ, एक ही समय पर राष्ट्रीय गीत वन्देमातरम का सामूहिक गायन करके एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। आज हम स्वर्णिम इतिहास का हिस्सा बन गये हैं।
इस दौरान भाजपा नेता विपुल अग्रवाल ने कहा कि वन्देमातरम 1875 में बंकिम चन्द्र चटर्जी द्वारा लिखा गया जो साल 1905 में कलकत्ता के टाउन हॉल से राष्ट्रीय नारे के रूप में उभरा। उस समय बंगाल विभाजन के विरोध में भारतीय स्वतंत्रता संग्राम आन्दोलन वन्देमातरम के इर्द-गिर्द केंद्रित हो गया।उन्होंने कहा कि 1905 में वायसराय लॉर्ड कर्जन की ब्रिटिश सरकार ने वंदे मातरम के सार्वजनिक रूप से गाने और नारा लगाने पर प्रतिबंध लगा दिया था। बाद में 1930 के दशक में मुस्लिम लीग के मोहम्मद अली जिन्ना ने वन्देमातरम का विरोध किया जिसके बाद 1937 में कांग्रेस के राष्ट्रीय वार्षिक अधिवेशन में वन्देमातरम के शुरुआती मात्र 2 अंतरों/ पदों को ही अपनाने का निर्णय लिया गया। जबकि 4 अंतरों/पदों को छोड़ दिया गया। अग्रवाल ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् 24 जनवरी 1950 को भारत की संविधान सभा द्वारा इसे राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार कर लिया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य वेद प्रकाश शर्मा ने वंदे मातरम की भूमिका छात्र-छात्राओं के सामने रखी और 150वीं वर्षगांठ की शुभकामनाएं दी, कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्ञानचंद जी द्वारा की गई। संपूर्ण कार्यक्रम में विद्यालय के उप प्रबंधक मानचंद गुप्ता जी सहित 608 छात्र-छात्राएं अध्यापक, अभिभावक उपस्थित रहे।






