
चंद्रप्रकाश बहुगुणा
जन एक्सप्रेस /उत्तरकाशी :- कभी ऋषिराम शिक्षण संस्थान की बेंच पर बैठकर फैशन की दुनिया का सपना बुनने वाली चिन्यालीसौड़ की बेटी आज शंघाई के विश्व मंच पर भारत के लिए रजत लेकर लौटी है। 05 अक्टूबर को जब सानिया जोशी अपने पुराने स्कूल पहुंचीं, तो पूरा विद्यालय तालियों से गूंज उठा।सानिया ने चीन के शंघाई में आयोजित World Skills Competition 2026 में Retail Sales Management कैटेगरी में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए सिल्वर मेडल जीता है। दुनिया भर के हुनरमंद युवाओं के बीच यह पहाड़ की बेटी ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।सानिया की कहानी असाधारण संघर्ष और स्पष्ट लक्ष्य की कहानी है। वर्ष 2022 में उन्होंने इसी ऋषिराम शिक्षण संस्थान से 12वीं पास की। फिर उन्होंने NIFT पंचकूला से 4 वर्षीय फैशन डिजाइनिंग का कोर्स पूरा किया। किताबों के साथ संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास की जो नींव स्कूल ने रखी, उसी ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।
विद्यालय में प्रबंधक डॉ. अरविंद जगूड़ी और प्राचार्य डॉ. एस.के. मिश्रा ने सानिया, उनके पिता और भाई का अंगवस्त्र और पुष्पमाला से स्वागत किया। उप-प्रधानाचार्य बद्रीश बिष्ट ने गौरव-अभिनंदन पत्र का वाचन कर सम्मान पत्र भेंट किया।इस दौरान सानिया ने बच्चों से दिल खोलकर बात की। छात्रों ने पूछा – सफलता कैसे मिलती है? सानिया ने कहा, “सपना तभी मंजिल बनता है जब लक्ष्य स्पष्ट हो। मेहनत ईमानदारी से करो, माता-पिता और गुरुओं से संवाद बनाए रखो और अपने फैसलों को परिणामों से सही साबित करो। नशा करना है तो शिक्षा का करो।प्रबंधक डॉ. जगूड़ी ने कहा सानिया ने सिर्फ स्कूल नहीं, पूरे उत्तरकाशी और उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। प्राचार्य डॉ. मिश्रा ने कहा यह साबित हो गया कि पहाड़ का बच्चा भी अगर ठान ले तो विश्व स्तर पर पहचान बना सकता है।
चिन्यालीसौड़ की इस बेटी का रजत सिर्फ एक मेडल नहीं, उत्तराखंड के हजारों बच्चों के लिए एक उम्मीद है






