
चंद्रप्रकाश बहुगुणा
जन एक्सप्रेस /हरिद्वार :- भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों और महापुरुषों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनी भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में हरिद्वार जनपद के 200 विद्यालयों के 31,033 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। शांतिकुंज के मार्गदर्शन में हुए कक्षा पांचवीं से डिग्री स्तर तक आयोजित इस परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति को जानने के साथ उसे अपने व्यवहार और जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया गया।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा विभाग ने बताया कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रश्नों के उत्तर तलाशने और विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, नैतिकता, संस्कार, परिवार के प्रति उत्तरदायित्व और समाज के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने का प्रयास है। परीक्षा की तैयारी के दौरान विद्यार्थी भारतीय संस्कृति, महापुरुषों के जीवन-दर्शन और जीवन निर्माण से जुड़े सूत्रों का अध्ययन करते हैं। यही कारण है कि हर वर्ष बड़ी संख्या में विद्यालय और विद्यार्थी इस अभियान से जुड़ रहे हैं।
हरिद्वार जनपद में परीक्षा के साथ विद्यार्थियों को संस्कारवान बनाने के लिए ज्ञान दीक्षा संस्कार, सामूहिक जन्मदिवस संस्कार और नैतिक ज्ञान प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाती हैं। इन गतिविधियों के द्वारा युगऋषि पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के सद्विचारों को विद्यार्थियों और परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है।परीक्षा के आयोजन में हरिद्वार के विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षक-शिक्षिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षकों को इस अभियान का महत्वपूर्ण सहयोगी मानते हुए वर्ष 2026 में आयोजित शिक्षक गरिमा सत्र में 150 शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सहभागिता की। उन्हें उनके सहयोग और योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रकोष्ठ ने बताया कि परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति के प्रति गौरवबोध पैदा करने के साथ उनके व्यक्त्वि और चरित्र निर्माण को गति देना है।






