
जन एक्सप्रेस /श्रीनगर गढ़वाल :- हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में गुरुवार को भारतीय भाषा समिति (शिक्षा मंत्रालय) के सहयोग से दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, बिड़ला परिसर निदेशक प्रो. हरभजन सिंह चौहान, भारतीय भाषा समिति के डॉ. चंदन श्रीवास्तव एवं राज्य समन्वयक डॉ. अलका सूरी ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। कुलपति प्रो. सिंह ने कहा कि पुस्तक लेखन केवल लेखन नहीं, बल्कि राष्ट्रीय योगदान है। पुस्तकें लिखकर व्यक्ति अमर हो सकता है। उन्होंने भारतीय भाषाओं में शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने की सरकार की पहल की सराहना की और कहा कि इससे ज्ञान समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचेगा।
कार्यशाला का उद्देश्य 22 भारतीय भाषाओं में विद्यालयी व उच्च शिक्षा के लिए उच्च गुणवत्ता वाली संवादात्मक डिजिटल पुस्तकें विकसित करना है। डॉ. चंदन श्रीवास्तव ने बताया कि केंद्रीय बजट 2025 में 2.5 लाख पुस्तकों के विकास का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि अनुवाद केवल शब्द परिवर्तन नहीं, ब ल्कि मूल भावना और अवधारणा को भी सुरक्षितरखना चाहिए। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. आलोक सागर गौतम ने उत्तराखंड में पुस्तक लेखन व प्रकाशन की संभावनाओं पर चर्चा की। कुल 75 प्रतिभागियों (65 संकाय सदस्य, आठ शोधार्थी व दो विद्यार्थी) ने 25 से अधिक विश्वविद्यालयों-महाविद्यालयों से भाग लिया। संचालन डॉ. कविता भट्ट ने किया।






