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पुराने सहयोगी दलों की 10 सीटों पर खास नजर

पटना: भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनाव को लेकर किसी तरह की रियायत बरतना नहीं चाहती है. पार्टी बिहार में ऐसी 10 सीटों को चिह्नित कर उस पर खास तैयारी में जुट गई है जिस पर पिछले चुनाव में उसकी सहयोगी पार्टियों ने जीत दर्ज की थी. इन सीटों में वाल्मीकि नगर, कटिहार, पूर्णिया, गया, झंझारपुर, सुपौल, मुंगेर, किशनगंज, नवादा एवं वैशाली हैं.

इन लोकसभा क्षेत्रों में चार-चार विधानसभा का दायित्व एक नेता को दिया गया है. बीजेपी इन सीटों पर किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतना चाहती है. बीजेपी के उपाध्यक्ष संतोष पाठक कहते हैं कि पार्टी बिहार की सभी 40 सीटों पर तैयारी कर रही है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जिन लोकसभा क्षेत्रों में पिछले चुनाव में सहयोगी दल के प्रत्याशी विजयी हुए थे वहां बीजेपी का संगठन काफी मजबूत है. ऐसी स्थिति में वहां तैयारी की जा रही है कि आसानी से जीत मिल सके. सभी दल ऐसी तैयारी करते हैं.

किसे-किसे सौंपी गई जिम्मेदारी?

बीजेपी के एक नेता बताते हैं कि इस कार्ययोजना के तहत प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र एक क्लस्टर का हिस्सा है, जिसके लिए एक नेता को प्रभारी बनाया गया है. क्लस्टर प्लान के तहत पूर्व उप मुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी के अलावा पूर्व मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह, नारायण प्रसाद, रामसूरत राय, आलोक रंजन झा, नितिन नवीन, जनक राम, प्रमोद कुमार, नीरज सिंह बब्लू, रामप्रीत पासवान, राणा रणधीर सिंह के अलावा विधायक संजीव चौरसिया एवं विधान पार्षद घनश्याम ठाकुर को चार-चार विधानसभा क्षेत्र का दायित्व सौंपा गया है.

इन लोगों को बूथ स्तर पर बैठक करके मतदाताओं को जागरूक करने से लेकर सोशल मीडिया तक के लिए प्रेरित करने का दायित्व सौंपा गया है. इससे पहले केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन और उसके प्रभाव पर जानकारी एकत्र कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए केंद्रीय, स्थानीय और जिला स्तरों पर एक त्रि-स्तरीय समिति का गठन किया गया है.

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