
जन एक्सप्रेस/ नई टिहरी: कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश राणा ने देहरादून में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता को उम्मीद थी कि पीएम प्रदेश की बुनियादी समस्याओं पर बात करेंगे, लेकिन एक बार फिर उन्हें निराशा हाथ लगी।
राकेश राणा द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु:
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अंकिता भंडारी केस पर चुप्पी: वर्षों से न्याय की गुहार लगा रहे अंकिता भंडारी के परिवार के लिए पीएम के पास एक शब्द भी नहीं था।
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बेरोजगारी और अग्निवीर: प्रदेश का युवा अग्निवीर योजना में बदलाव की उम्मीद कर रहा था, लेकिन रोजगार पर कोई ठोस घोषणा नहीं हुई।
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कानून-व्यवस्था का संकट: प्रदेश में बढ़ते अपराध, हत्याएं और माफियाओं के प्रभाव पर पीएम की चुप्पी चिंताजनक है।
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पर्यटन पर टैक्स की मार: होमस्टे सब्सिडी में कटौती और नए टैक्स लगाने से स्थानीय पर्यटन और होटल व्यवसाय की कमर टूट गई है।
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पुरानी पेंशन (OPS): कर्मचारी वर्ग पुरानी पेंशन बहाली की राह देख रहा था, जिस पर कोई बात नहीं की गई।
राकेश राणा ने कहा कि उत्तराखंड अब केवल घोषणाएं और “डेस्टिनेशन वेडिंग” जैसे भावनात्मक मुद्दे नहीं, बल्कि ठोस नीतियां और जवाबदेही चाहता है।






