भारत’ अभियान के तहत 300 जिलों में जलाए गए दीये
बाल विवाह मुक्त भारत” अभियान, लड़कियों के बाल विवाह के खिलाफ देश ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा जागरुकता अभियान बन गया। इस अभियान के तहत देशभर के 26 राज्यों में 500 से अधिक जिलों में करीब 10 हजार गावों की 70 हजार से अधिक महिलाओं और बच्चों की अगुआई में जागरुकता कार्यक्रम आयोजित कर दीया जलाया गया और कैंडिल मार्च निकाला गया। इसमें दो करोड़ से अधिक लोगों ने हिस्सेदारी कर और बाल विवाह को खत्म करने की शपथ लेकर इस अभियान को ऐतिहासिक बना दिया। इस बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की खास बात यह थी कि सड़कों पर उतर कर नेतृत्व करने वाली महिलाओं में, ऐसी महिलाओं की संख्या ज्यादा थी जो कभी खुद बाल विवाह के दंश का शिकार हो चुकी थीं। कई जगह अभियान का नेतृत्व उन बेटियों ने किया, जिन्होंने समाज और परिवार से विद्रोह कर न केवल अपना बाल विवाह रुकवाया, बल्कि अपनी जैसी कई अन्य लड़कियों को भी बाल विवाह का शिकार होने से बचाया। सभी ने एक स्वर में बाल विवाह को रोकने के लिए कानूनों का सख्ती से पालन करने और 18 साल तक सभी बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने की बात कही।






